हवन-पूजन करते डीएम, एसपी व विधायक
- फोटो : MAHOBA
चरखारी (महोबा)। 137 साल पुराने ऐतिहासिक गोवर्धन्नाथ जू मेले की रविवार देर शाम शुरुआत हो गई। विधि विधान से हवन-पूजन के बाद मेला मंदिर में भगवान कृष्ण की मूर्तियां रखीं गईं। हालांकि इस साल वैश्विक कोरोना महामारी के चलते पूजा-अर्चना और हवन-पूजन के दौरान पहले जैसी भीड़ नहीं जुटी।
वर्ष 1883 में चरखारी रियासत के राजा मलखान सिंह जूदेव ने ऐतिहासिक गोवर्धन्नाथ जू मेले की शुरुआत कराई थी। तब से अनवरत चरखारी में यह मेला लगता आ रहा है। इस साल कोरोना के चलते जिला प्रशासन ने भीड़ न जुट सके, इसलिए मेले के आयोजन की अनुमति नहीं दी।
जिसके चलते इस साल न तो मेले में एक भी दुकानें लगेंगी और न ही एक महीने तक होने वाले कार्यक्रम होंगे। मेले में विभिन्न मंदिरों से अलग-अलग दिनों में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियां मेला मंदिर पहुंचेगी। रविवार को सदर मंदिर से गोवर्धन्नाथ जू की शोभायात्रा निकाली गई। जो झंडा चौराहा, वीपार्क, हाथीखाना चौराहा, पचराहा से होते हुए मेला मंदिर पहुंची।
जहां पर पुजारी पं. रविंद्र गुरूदेव ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इस मौके पर महोबा विधायक राकेश गोस्वामी, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम राकेश कुमार, सीओ चरखारी राजकुमार पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर, नगर पालिका अध्यक्ष मूलचंद्र अनुरागी, अधिशासी अधिकारी केके सोनकर, समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।