शनिवार को जिला अस्पताल के समीप कूड़े के ढेर में दवाएं व सीरप जलते मिले।
दवाएं एक्सपायरी थीं या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है लेकिन आग किसने और क्यों
लगाई, इसकी किसी को जानकारी नहीं है। आग के हवाले की गईं कीमती जीवन रक्षक
दवाओं को इससे पहले भी जलाया जा चुका है। छह माह पूर्व इसी स्थान पर भारी
मात्रा में दवाआें को आग के हवाले किया गया था लेकिन कोई कार्रवाई न होने
से यह काम जारी है।
शनिवार को जिला अस्पताल परिसर में दवाएं जलाए जाने
की खबर जिला अस्पताल में फैलते ही खलबली मच गई लेकिन दवाएं क्यों और किसने
जलाईं यह स्पष्ट नहीं हो सका। सीएमएस डॉ. उदयबीर सिंह का कहना है कि कूड़े
में दवाएं किसने जलाईं, इसकी जांच कराई जाएगी।