जिला वॉश फोरम के सदस्य वेद प्रकाश मिश्रा ने कहा कि जिले को स्वच्छ बनाने के लिए प्रयास करना आवश्यक है। पानी को भी दूषित होने से बचाने के लिए जागरूकता की जरूरत है। जल निगम के महेश कुमार दीक्षित ने कहा कि सरकार हैंडपंप लगवाती है लेकिन ग्रामीण पानी को दूषित कर देते हैं।
हैंडपंप पर खुद नहाने और जानवराें को नहलाने से गंदा पानी गड्ढाें में भरकर हैंडपंप के पानी के स्रोत में मिल जाता है जिससे हैंडपंप का पानी दूषित होने से लोग बीमार होने लगते हैं।
समाजसेवी रामरतन गुरुदेव एवं शिवकुमार गोस्वामी ने सबसे पहले घर और मोहल्ले को स्वच्छ बनाने पर जोर दिया। कहा कि जहां स्वच्छता होती है, वहां भगवान का वास होता है।
इसके अलावा बच्चाें में स्वच्छता की आदत डालने के लिए बड़ाें को भी स्वच्छता की आदत डालनी होगी। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक अरविंद खरे ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर प्रोग्राम मैनेजर दिलीप कुमार, राजीव कुमार, बाबूलाल, शशिकांत, हेमचंद्र, सतीश, रमेश चंद्र, दशरथ सिंह, गिरीश, रीना चौरसिया, सरगम खरे मौजूद रहे।