हमीरपुर-महोबा के सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल की पहल पर भेजी जा रही पानी की ट्रेन को जिलाधिकारी ने लाल झंडी दिखा दी है। इसके विरोध में जिले के लोगों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। दूसरी ओर गुरुवार को एक निजी कार्यक्रम में कानपुर आए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि बुंदेलखंड में पानी की कमी नहीं है।
वहां पेयजल समस्या से निपटने के इंतजाम पहले ही कर लिए गए थे। जरूरत होने पर केंद्र से मदद मांगी जाएगी। केंद्र ने ट्रेन से पहले ही पानी भेज दिया तो उसे स्टोर कहां किया जाएगा। केंद्र को स्टोरेज की व्यवस्था करके पानी भेजना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि यूपी में पानी की समस्या हल करने के लिए 2200 करोड़ रुपये की योजनाओं पर काम चल रहा है। सूखे के हालात पर कहा कि बुंदेलखंड में कोई भूख से नहीं मर पाएगा। इसके पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
महोबा में गुरुवार को भाजपा और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने तहसील में प्रदर्शन कर तहसीलदार नन्हकू को ज्ञापन सौंपा। पूर्व सांसद गंगाचरन राजपूत ने छह मई से तहसील में क्रमिक अनशन का एलान किया है।
भाजपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर ने भी शुक्रवार को लोगों के साथ प्रदर्शन की घोषणा की है। इन नेताओं का कहना है कि जिला प्रशासन प्रदेश सरकार के दबाव में काम कर रहा है। जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह के मुताबिक इस बाबत उन्होंने डीआरएम को भेजे पत्र में कहा है कि गांव स्तर पर बोरिंग से पानी निकालकर टैंकरों के जरिए प्रभावित इलाकों में भेजा जा रहा है, जबकि रेलवे स्टेशन से पानी लाने के लिए टैंकर चालकों को 50 किलोमीटर की दूरी तय करनी पडे़गी।
दूरी अधिक होने से डीजल का खर्चा भी कई गुना बढ़ जाएगा। इसके अलावा दिनभर में एक-दो टैंकर ही आ सकेंगे, जबकि गांव के बोर से पानी लेने पर टैंकर चालक कई चक्कर पानी की आपूर्ति गांवों में कर सकते हैं। भविष्य में पानी की जरूरत पड़ने पर वाटर एक्सप्रेस के लिए निवेदन किया जाएगा।