यूक्रेन में एक स्थान से उठता धुआं।
- फोटो : MAHOBA
महोबा/ पनवाड़ी। यूक्रेन में जिले के कई छात्र फंसे हुए हैं। उनके अभिभावक भारत सरकार से उनको सकुशल वापस लाने के लिए गुहार लगा रहे हैं। कुछ छात्रों ने समय से टिकट बुक करा ली वह अपने वतन वापस आ गए हैं जिससे परिजनों ने चैन की सांस ली है, वहीं जिनके बच्चे अभी यूक्रेन में फंसे हैं, उनके मां-बांप पल-पल फोन पर वीडियो काल कर उनका हाल ले रहे हैं।
पनवाड़ी के पांच छात्रों में से चार वापस आ गए हैं वहीं पनवाड़ी प्रधान संजय द्विवेदी के पुत्र राज द्विवेदी व चरखारी के रायनपुर निवासी सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. चुन्ना सिंह के पुत्र हेमेंद्र सिंह यूक्रेन में फंसे है। सभी छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने गए हैं। पनवाड़ी ग्राम प्रधान संजय द्विवेदी के पुत्र राज द्विवेदी यूक्रेन के कीव में फंसे हैं। फ्लाइट बंद कर होने के कारण नहीं आ सके। राज ने परिजनों से बात कर बताया कि सारे छात्रों को कमरों से निकाल कर बंकरों में किया गया है। यहां के हालात बहुत खराब है जिस बंकर में ठहरे है उसी से एक किलोमीटर दूरी पर बम बारी हो रही है। सरकार कोई भी मदद नहीं कर रही है। अधिकारियों से विनती की तो कहते हैं कि बार्डर चले जाओ पर हमारी जिम्मेदारी नहीं है। कुछ लोगों का कहना है कि कीव पर कब्जा होने के बाद शांति हो सकती है।
वहीं चरखारी के रायनपुर निवासी सेवा निवृत्त प्रोफेसर चुन्ना सिंह राजपूत का बेटा हेमेंद्र यूक्रेन के खारकीब से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार को तीन बजे बात हुई तो बताया कि लगातार बमबारी हो रही है। वह मेट्रो की टनल में रहकर रात गुजार रहे हैं। इसी बीच धमाके ही आवाज आई और फोन कट गया। इसके बाद बात नहीं हो पाई है। कहा कि सरकार छात्रों को वापस लाने में मदद करे।
वापस आए चचेरे भाई अंकुश और तरंग
- दो चचेेरे भाई अंकुश महान और तरंग महान सकुशल अपने घर वापस लौट आए हैं। अंकुश ने बताया यूक्रेन के कीव में रह कर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे है। 21 फरवरी को एयर इंडिया के फ्लाइट से आ गए थे। पहले 35 हजार में आते थे अब 65 हजार रुपये लग रहा है। खातों में ऑनलाइन सिस्टम बंद हो गया था इसलिए एटीएम से पैसे नही निकल पा रहे थे। किसी तरह दूसरी जगह से व्यवस्था कर फ्लाइट बुक कराई तब जाकर घर आ पाए। तरंग ने बताया के 16 फरवरी को अपने कमरे में बैठा था तभी थोड़ी दूरी पर अटैक हुआ तो सहम गए। हालत पहले से ही खराब थे मैंने तुरंत फ्लाइट बुक कराने के लिए गया, पर एटीएम से पैसे निकलना बंद हो गया। जिससे परेशान हो गया। किसी तरह मैंने फ्लाइट के लिए पैसे की व्यवस्था कर 19 फरवरी को दुबई फ्लाइट बुक कराई और 20 फरवरी को दिल्ली आ गया। चार दिन कैसे कटे में बयां नही कर सकता। फ्लाइट वालों ने रेट भी बढ़ा दिया पहले में 30 हजार में आता था अब 800 डॉलर में आ सका।
सगे भाई-बहन लौटे
कस्बा पनवाड़ी निवासी शिक्षक मनोज राजपूत के बेटा और बेटी दोनों यूक्रेन से मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। बेटी अनुपमा और बेटा सुमित राजपूत के घर आ जाने पर खुश हैं। पिता मनोज ने बताया में समाचार देखकर परेशान था क्योंकि दोनों बच्चे यूक्रेन में थे उनके घर आने पर शांति मिली। सुमित यूक्रेन के कीव में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे है उनका दूसरा वर्ष है। सुमित ने बताया हालात बिगड़ते देख मैने फ्लाइट बुक कराई तुरंत एयर अरबिया जो रियाद तक आई वहां से दूसरी फ्लाइट पकड़ कर दिल्ली आ गया। 19 को बुक कराई 20 को दिल्ली आ गया।