मृतक किसान रघुवीर की फाइल फोटो
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खरेला (महोबा)। चित्रकूट में कामतानाथ के दर्शन करने पैदल जाने की तैयारियों में जुटे किसान की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। गेहूं बेचने आढ़त गए किसान के अचेत अवस्था में मिलने पर उसे पीएचसी ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मां की पहले मौत हो जाने और अब पिता के भी दुनिया से चले जाने पर तीन अनाथ बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कस्बा खरेला के मोहल्ला स्वामीदास निवासी रघुवीर सिंह (56) पड़ोस के लोगों के साथ चित्रकूट में कामतानाथ के दर्शन करने के लिए पैदल यात्रा पर जाने की तैयारी में जुटा था। उसने प्रसाद व ध्वज लेकर घर पर रख दिया। यात्रा के लिए खर्च को लेकर रुपये की व्यवस्था न होने पर रघुवीर घर से गेहूं बेचने के लिए गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे आढ़त गया। आढ़त का दरवाजा बंद होने पर बोरी रखकर बाहर ही बैठ गया। कुछ देर बाद वह जमीन पर अचेत अवस्था में लेटा मिला। लोगों की सूचना पर पहुंचे परिजन उसे इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खरेला ले गए लेकिन इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी की मौत तीन वर्ष पहले हो चुकी है। रघुवीर दो पुत्र और एक पुत्री की परवरिश खेती-किसानी के साथ मेहनत-मजदूरी करके कर रहा था। अचानक हुई घटना से अनाथ तीन बच्चों को देखकर हर किसी के आंखें नम है।
पड़ोसी साथ ले गए रघुवीर का ध्वज व प्रसाद
महोबा। कामतानाथ में ध्वज स्वयं चढ़ाने की रघुवीर की अंतिम इच्छा पूरी नहीं हो सकी। चित्रकूट पैदल रवाना हुए पड़ोसी रघुवीर की अंतिम इच्छा को देखकर मृतक के घर रखा प्रसाद और ध्वज लेकर चले गए। पड़ोसी पप्पू सिंह, राजेंद्र प्रसाद, कल्लू सिंह ने बताया कि मृतक की अंतिम इच्छा पूरी करने को ध्वज साथ लेकर जा रहे हैं और प्रसाद चढ़ाएंगे।