महोबा। परिषदीय स्कूलों में 69,000 सहायक अध्यापकों के चयन की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद भी जिले के 50 से ज्यादा अभ्यर्थियों की किस्मत पर ग्रहण लग गया है। कारण, डेढ़ साल पहले फार्म में जो मोबाइल नंबर भरे गए थे। उन नंबरों के बदल जाने, खो जाने और याद न आने से जिला चुनने के लिए भरे जा रहे ऑनलाइन विकल्प में ओटीपी नहीं आ पा रहा है। इससे पास हो चुके अभ्यर्थी परेशान हैं।
डेढ़ साल पहले प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक बनने के लिए बीटीसी और टीईटी उतीर्ण परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था। इसकी लिखित परीक्षा में जिले के करीब 50 अभ्यर्थी उतीर्ण हुए थे, लेकिन शिक्षामित्र भर्ती की कटऑफ मेरिट बदलने के लिए हाईकोर्ट इलाहाबाद चले गए थे। डेढ़ साल बाद आए कोर्ट के फैसले से चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए जिलों के विकल्प ऑनलाइन भराए जा रहे हैं, लेकिन मोबाइल नंबर बदलने, खोने और याद न आने वाले अभ्यर्थियों को उनके मोबाइल नंबर बदलने का मौका नहीं दिया जा रहा है। न ही मोबाइल खोने वाले अभ्यर्थियों के लिए कोई विकल्प तैयार किया गया है। इससे अभ्यर्थियों को अपना भविष्य अंधकार में दिख रहा है।