महोबा जिले के पनवाड़ी थाना महोबकंठ के उमरई गांव में सोमवार की सुबह घर के पास खेल रहीं दो सगी बहनें नाले में गिर गईं। तेज बहाव में बच्चियों को बहता देख महिलाओं ने एक बच्ची का हाथ पकड़कर बाहर खींच लिया, जिससे उसकी जान बच गई।
दूसरी की डूबने से मौत हो गई। उमरई गांव निवासी प्रेमचंद्र किसानी के साथ मजदूरी करते हैं। परिवार में चार बेटियां व एक पुत्र है। प्रेमचंद्र ने बताया कि बड़ी बेटी ज्योति (9) व छोटी बेटी माही (5) घर के दरवाजे पर खेल रही थीं।
दोनों खेलते-खेलते घर से 400 मीटर की दूरी से निकले नाले में असंतुलित होने से गिर गईं। नाले का बहाव तेज होने के कारण बह गईं। इसी दौरान कुछ महिलाएं नाले के पास से निकल रही थीं। दो बच्चियों को नाले में बहता देख एक महिला गुंदी राजपूत ने दौड़कर माही का हाथ पकड़कर बाहर खींच लिया।
ज्योति नाले में 200 मीटर तक बहने के बाद झाड़ियों में फंस गई। जानकारी होने पर वह ज्योति को सीएचसी पनवाड़ी ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ज्योति कक्षा तीन की छात्रा थी। घटना से मृतका की मां सुमितरानी व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।