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महोबा: प्रशासन ने चार गोवंशों की मौत स्वीकारी, 24 गोवंशों की मौत को नकारा, कहा कई मृत गोवंश गांव वालों के थे

Sun, 16 Jan 2022 07:47 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा

सार

गोशाला में भूरा, चारा की सुविधाओं चकाचक मिलीं। वहीं अधिकारियों ने 24 में से चार गोवंश ही गोशाला के मरने की पुष्टि की है। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि दो दिन के अंदर चार पशुओं की मौत हुई है शेष पशु गांव वालों के हैं।
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गोशाला में गोवंश की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महोबा के कबरई विकासखंड के ग्राम पंचायत पिपरामाफ में 24 गोवंश की मौत के बाद जिला प्रशासन ने पल्ला झाड़ लिया है। मात्र चार गोवंशों की मौत होना स्वीकारा है। वहीं शनिवार की रात दो बजे पंचायत विभाग के कर्मचारियों ने जेसीबी से गड्ढा कर करीब 24 मवेशियों के शवों को दफना दिया। सुबह निरीक्षण को पहुंचे जिलाधिकारी व सीडीओ को गोशाला में व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं हैं।
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रविवार को जिलाधिकारी मनोज कुमार और सीडीओ डॉ. हरिचरन ने गोशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। गोशाला में भूरा, चारा की सुविधाओं चकाचक मिलीं। वहीं अधिकारियों ने 24 में से चार गोवंश ही गोशाला के मरने की पुष्टि की है। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि दो दिन के अंदर चार पशुओं की मौत हुई है शेष पशु गांव वालों के हैं। जिनके द्वारा डूब क्षेत्र में फेंका गया है सभी को प्रोटोकॉल के अनुसार दफना दिया गया है। 

अधिकारियों के बयान अलग-अलग
विकासखंड कबरई में तैनात एडीओ पंचायत दयाराम निर्मल गांव पहुंचे थे और गोशाला की दशा देखी थी इसके बाद उन्होंने दावा किया था कि सिर्फ छह पशुओं की मौत हुई है। शेष गांव के पशुपालकों द्वारा फेंके गए हैं। वहीं सीडीओ के अनुसार चार ही गोवंश मरे हैं, अन्य गांव वालों के हैं। जबकि  डीपीआरओ संतोष कुमार का कहना है कि दो गोवंशों की मौत हुई है। 
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कान्हा गोशाला में ठंड से पांच गोवंश की मौत 
महोबा के अजनर में ठंड व इलाज के अभाव में कान्हा गोशाला में पांच गोवंशों की मौत हो गई। तहसील स्तरीय कान्हा गोशाला में पांच गोवंश ने दम तोड़ दिया। गोशाला में कुल 450 गोवंश की क्षमता है। जिसकी देखरेख के आठ कर्मचारी लगाए गए हैं। गोशाला कर्मियों का कहना है कि मवेशी बीमार होते उन्हें अलग कर उनकी सूचना पशु अस्पताल में दे दी जाती है।
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