आग की घटना के बाद जला पड़ा पशुबाड़ा
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महोबा। कोतवाली चरखारी के ग्राम टोलासोयम में पशुबाड़े में आग लगने से पशुपालक और चार बकरियों की जलकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पशुपालक ने मच्छर से बचने के लिए कंडे सुलगाए थे। कंडे से निकली चिंगारी ने ही पशुबाड़े को चपेट में ले लिया।
ग्राम टोलासोयम निवासी मुन्नीलाल (80) पुत्र किशोरा अहिरवार बकरी पालन का काम करता था। परिवार में पांच बेटे काशीप्रसाद (54), चेतराम (51), दयाल (49), पप्पू (46) और गोविंददास (42) हैं। सभी खेती और मजदूरी करके परिवार चले रहे हैं। मृतक की पत्नी आशारानी की तीन साल पहले ही मौत हो चुकी है।
मंगलवार देर शाम वह बकरियां चराकर घर लौटा और उन्हें पशुबाड़े में बंद कर खाना खाने घर आ गया। खाना खाकर वह लेटने के लिए पशुबाड़े में आ गया। मच्छरों से बचने के लिए उसने पशुबाड़े में कंडे सुलगा लिए। गहरी नींद में सो जाने के कारण आधी रात को अचानक कंडों की लपटों से आग लग गई और पशुबाड़ा धू-धूकर जलने लगा। आग की लपटें देख आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर भागे।
ग्रामीणों ने पंपिंग सेट मशीन चलाकर एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक पशुपालक मुन्नीलाल और चार बकरियों की आग की चपेट में आने से मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बाद भी फायर ब्रिगेड मशीन समय से नहीं पहुंची, जिससे सब कुछ जलकर राख हो गया।