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पहले नष्ट हुईं फसलें, अब मुआवजे के लिए बढ़ रहा इंतजार

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महोबा/पनवाड़ी। जनवरी में दैवी आपदा से बर्बाद फसलों का मुआवजा न मिलने पर रविवार को बसरिया गांव के लोगों ने मतदान के बहिष्कार का ऐलान कर दिया था। तीन घंटे तक मतदान नहीं ठप रहा था। एसडीएम कुलपहाड़ स्वेता पांडेय के मुआवजा दिलाने का आश्वासन के बाद किसानों ने वोट डाले थे।
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कुलदीप मिश्रा ने आरोप लगाया कि लेखपाल उगाही करवाने वाले लोगों को रखे हैं। वो किसानों के यहां जा कर तय करते हैं, जिसने पैसे दे दिए उसका मुआवजा आ गया। लेखपाल की मनमानी के कारण ही मतदान का बहिष्कार किया था, लेखपाल को हटाने की मांग एसडीएम से की थी। सीताराम ने आरोप लगाया के उनसे लेखपाल ने दो हजार रुपये मांगे थे। ज्वाला प्रसाद ने आरोप लगाया के बिना कमीशन के काम नहीं होता है।
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