महोबा। अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक की मौत के बाद से वकीलों का आक्रोश थम नहीं रहा है। शुक्रवार को मामले की एसआईटी जांच और एसपी व सीओ को निलंबित करने की मांग लेकर अधिवक्ता सड़कों पर उतर आए।
दो सैकड़ा से अधिवक्ताओं ने शहर की मुख्य सड़क पर प्रदर्शन करते हुए कोतवाली का घेराव किया। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री संबोधित ज्ञापन सदर एसडीएम को सौंपा।
समद नगर निवासी अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक ने ब्लाक प्रमुख कबरई छत्रपाल यादव व उसके साथियों द्वारा 60 लाख रुपये वसूले जाने और धमकी दिए जाने से परेशान होकर 13 फरवरी की रात लाइसेंसी रायफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
मृतक के सुसाइड नोट में एसपी व सीओ के आरोपियों से मिले होने की बात लिखी थी। घटना के विरोध में अधिवक्ता 15 फरवरी से हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को जिला अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष भारत विशाल शुक्ला, महामंत्री सज्जन प्रसाद द्विवेदी के नेतृत्व में वकीलों ने प्रदर्शन किया।
कचहरी से विरोध प्रदर्शन करते हुए वकील शहर कोतवाली पहुंचे। जहां कोतवाली का घेराव कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में अधिवक्ताओं ने तहसील पहुंच एसडीएम राजेश कुमार यादव को ज्ञापन सौंपा।
जिसमें अधिवक्ताओं ने एसआईटी जांच और आरोपियों की आय से अधिक संपत्ति की ईडी से जांच कराए जाने की मांग की। उन्होंने मृतक अधिवक्ता के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा, एसपी व सीओ को निलंबित करने की मांग की।
इस दौरान नीरज रावत, कुलदीप तिवारी, मुकीतुर्रहमान, मंजू यादव, दिव्या राजपूत, मनीष तिवारी, शिवनारायण दीक्षित, सत्येंद्र प्रताप सिंह, राजेंद्र तिवारी, राजेश तिवारी आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
फर्जी तथ्यों पर आधारित वायरल ऑडियो की हो जांच
अधिवक्ता की मौत की घटना के बाद सोशल मीडिया में एक ऑडियो वायरल हुआ। जिसमें एक युवती आरोपी छत्रपाल यादव से बातचीत कर अधिवक्ता पर गंभीर आरोप लगा रही है। वकीलों ने प्रदर्शन के दौरान फर्जी तथ्यों पर आधारित ऑडियो का राज खोलने और संबंधित युवती का पता लगाने की मांग की है।
इनामी पूर्व एसपी की गिरफ्तारी की उठी मांग
अधिवक्ता की मौत से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने पांच माह पहले कबरई क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मौत के मामले में फरार चल रहे 50 हजार के इनामी पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार को गिरफ्तार करने की मांग की। ज्ञापन में बताया कि लुक आउट नोटिस जारी होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। जो न्याय की प्रक्रिया में प्रश्न चिन्ह है।