महोबा। समदनगर निवासी अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक से वसूली व आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने के आरोपी कबरई ब्लॉक प्रमुख व प्रसपा के प्रदेश महासचिव छत्रपाल यादव पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस ने छत्रपाल के रिवाल्वर का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही हिस्ट्रीशीटर होने के नाते उसकी निगरानी की फाइल को भी दोबारा खोल दिया है।
अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक ने शनिवार को घर में अपनी लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्जकर 24 घंटे के अंदर छत्रपाल यादव और उसके भतीजे विक्रम समेत सात आरोपियों को जेल भेज दिया था। छत्रपाल हमीरपुर और विक्रम झांसी जेल में निरुद्ध हैं। बाकी आरोपी महोबा जिला उप कारागार में हैं।
उधर, पुलिस ने अब छत्रपाल व उसके गिरोह के साथियों पर शिकंजा कसना तेज कर दिया है। नगर कोतवाली प्रभारी अनूप कुमार दुबे ने बताया कि छत्रपाल व उसके साथियों के पास कितने लाइसेंसी असलहे हैं, इसका पता लगाया जा रहा। छत्रपाल के पास रिवाल्वर का लाइसेंस होने का पता चला है। इस लाइसेंस को निरस्त कराने के लिए एसपी के माध्यम से डीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है। अभी तक बाकी किसी आरोपी के पास शस्त्र लाइसेंस होने की पुष्टि नहीं हुई है। छानबीन अभी जारी है।
कोतवाली प्रभारी के मुताबिक छत्रपाल कोतवाली नगर का हिस्ट्रीशीटर है। नियमानुसार हिस्ट्रीशीटर की गतिविधियों की पुलिस निगरानी करती है, लेकिन किन्हीं कारणों से पुराने अफसरों ने छत्रपाल की निगरानी बंद कर दी थी। अब उसकी निगरानी के लिए फाइल को फिर खोला गया है।
इनकम टैक्स व ईडी भी कर सकती है संपत्ति की जांच
महोबा। कबरई ब्लॉक प्रमुख व प्रसपा प्रदेश महासचिव छत्रपाल यादव और उसके गिरोह के साथियों की चल अचल संपत्ति की जांच इनकम टैक्स व ईडी भी कर सकती है। पुलिस आरोपियों की संपत्ति की जांच के लिए इनकम टैक्स व ईडी विभाग को पत्र भेजने की तैयारी कर रही है। अगर ऐसा हुआ तो छत्रपाल ने करोड़ों की संपत्ति कहां से जुटाई। साथ ही उसके साथियों के पास धन कैसे आया। यह साफ हो जाएगा।
वसूली और आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने के मामले में फंसे कबरई के ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव की काफी चल व अचल संपत्ति होने की बात पुलिस की जांच में सामने आई है। पुलिस अपने स्तर से छत्रपाल और उसके साथियों की संपत्ति का ब्योरा जुटा रही है। सूत्रों की मानें तो छत्रपाल के पास कहां-कहां जमीनें है। क्या-क्या कारोबार है। किन बैंकों में खाते हैं। इसका भी पता लगाया जा रहा है। छत्रपाल ने संपत्ति और धन कहां से जुटाया। इसकी जांच पुलिस अपने स्तर से करेगी। साथ ही यह मामला इनकम टैक्स व ईडी को भी सौंपने की तैयारी कर रही है। एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि छत्रपाल व उसके साथियों की संपत्ति की जांच ईडी व इनकम टैक्स से कराने के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजा जाएगा। इसे लेकर आला अफसरों से भी बात करेंगे।