कबरई (महोबा)। कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में जेल में बंद सुरेश सोनी की जमानत अर्जी पर गुरुवार को सुनवाई नहीं हो सकी। उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 28 फरवरी तय की है। इस मामले में मुख्य आरोपी एक लाख के इनामी आईपीएस अफसर मणिलाल पाटीदार को गिरफ्तार करना पाना तो दूर पुलिस उनका सुराग भी नहीं लगा सकी है।
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल किया था। अगले दिन आठ सितंबर को वह अपनी कार घायल मिले थे। उनको गोली लगी थी। 13 सितंबर को उनकी कानपुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। इंद्रकांत के भाई रवि की तहरीर पर चरखारी थाना पुलिस ने तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, तत्कालीन थानाध्यक्ष कबरई देेवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव व दो व्यापारियों सुरेश सोनी और ब्रह्मदत्त के खिलाफ हत्या व भ्रष्टाचार की धारा में मामला दर्ज किया था। एसआईटी की जांच में मामला आत्महत्या के लिए उकसाने व व भ्रष्टाचार का पाया था। इसी आधार पर हत्या में दर्ज एफआईआर को आत्महत्या के लिए उकसाने व भ्रष्टाचार समेत अन्य धाराओं में तरमीम किया गया था। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था।
जबकि मुख्य आरोपी आईपीएस मणिलाल पाटीदार अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उस पर एक लाख का इनामी भी घोषित है। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता चंद्रप्रकाश तिवारी ने बताया कि इस मामले के जेल में निरुद्ध सुरेश सोनी की जमानत अर्जी पर तीन फरवरी को सुनवाई नहीं हो सकी। उच्च न्यायालय ने सुनवाई की अगली तारीख 28 फरवरी को मुकर्रर की है।