महोबा। क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मौत के मामले में फरार चल रहे एक लाख के इनामी आईपीएस मणिलाल पाटीदार को 13 माह बाद भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। लंबे समय से फरार चल रहे आईपीएस की अब बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। इस मामले की विभागीय जांच आईजी मेरठ प्रवीण कुमार को दी गई थी। आईजी मेरठ अब मणिलाल पाटीदार को दोषी मानते हुए जल्द रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।
कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर को सोशल मीडिया में ऑडियो व वीडियो वायरल कर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। आठ सितंबर को वह गोली लगने से कार में घायल अवस्था में मिले थे और 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई। मृतक के भाई रविकांत त्रिपाठी की तहरीर पर तत्कालीन एसपी, तत्कालीन थानाध्यक्ष कबरई देवेंद्र शुक्ला समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। एसआईटी की जांच के बाद सिपाही अरुण यादव का नाम बढ़ाया गया था। तत्कालीन एसपी अभी भी फरार चल रहे हैैं। जिन पर एक लाख रुपये का ईनाम घोषित हैं।
क्रशर कारोबारी मौत के मामले में जांच व वीडियो के आधार पर शासन ने फरार आईपीएस के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरु कर दी है। गृह विभाग ने मणिलाल पाटीदार को भारतीय पुलिस सेवा से बर्खास्त करने के लिए कार्रवाई शुरु कर दी है। शासन से मुहर लगने के बाद मामले की विभागीय जांच कर रहे आईजी मेरठ जल्द ही शासन को रिपोर्ट भेजेंगे। शासन स्तर पर मणिलाल पाटीदार को पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद शासन से बर्खास्तगी के लिए यूपीएससी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। राष्ट्रपति की संस्तुति के बाद कार्रवाई होगी।