महोबा। किशोरी को ले जाने के चार साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम) संतोष कुमार यादव ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर दोषी को पांच वर्ष के कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया।
थाना खन्ना के एक गांव निवासी युवक ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 18 सितंबर 2018 को उसकी 14 वर्षीय पुत्री को बरदानी निषाद निवासी मरौली बांदा व बउआ निषाद निवासी फतेहपुर हमीरपुर बाइक से ले गए। आरोप था कि दोनों पिता की बीमारी का बहाना बनाकर किशोरी को पहले कानपुर, झांसी और फिर हैदराबाद ले गए, उससे दुष्कर्म किया। इस मामले में पुलिस ने चार दिन बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। उसने बयान में कहा कि वह अपनी मर्जी से उनके साथ गई थी।
अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह न बताया कि बरदानी को दोष मुक्त किया गया है जबकि बउआ निषाद को शादी के उद्देश्य से नाबालिग को ले जाने का दोषी पाया गया।