फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नष्ट हो रही वीर भूमि की धरोहर

Sun, 10 Jan 2016 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो महोबा
विज्ञापन
विज्ञापन
वीर भूमि महोबा को पर्यटन के रूप में विकसित कर यहां नष्ट हो रही धरोहरों एवं ऐतिहासिक, पुरातात्विक व धार्मिक महत्व को संरक्षित किए जाने की आवश्यकता है। पर्यटन की तमाम संभावनाएं होने के बावजूद इसकी अनदेखी किए जाने से बुंदेलों में खासी नाराजगी है।
विज्ञापन


महोबा का इतिहास गौरवशाली रहा है, यहां की पहचान सूरवीर आल्हा, ऊदल व ताला सैय्यद के साथ विभिन्न धर्मों के आस्था केंद्रों के रूप में है। महोबा को सांप्रदायिक सौहार्द के रूप में भी जाना जाता है। आज महोबा बुंदेलखंड का सबसे बदहाल जिला होकर रह गया है, यहां के लोगों के साथ प्रकृति ही नहीं बल्कि प्रदेश व केंद्र की सरकारें भी छलावा कर रही हैं।
आजादी के बाद से देश व प्रदेश में जितनी भी सरकारें बनी।

किसी ने भी यहां उद्योग धंधों को स्थापित करने की पहल नहीं की है। जन प्रतिनिधि भी जनता का इस्तेमाल सियासी फायदे के लिए करते हैं। बुद्धिजीवियों व समाजसेवियों द्वारा महोबा को पर्यटन के रूप में विकसित करने की मांग की जाती रही है। जनप्रतिनिधियों ने इस संदर्भ में मौका परस्त बयानबाजी की है।
विज्ञापन


विकास के लिए करोड़ों की योजनाएं बनाई जाती है।  पैसा भी खर्च किया जाता है, लेकिन धरातल पर विकास नजर नहीं आता। उपेक्षा के चलते ऐतिहासिक पुरातात्विक व धार्मिक महत्व के स्थल व इमारतें गौरवशाली इतिहास की मुख्य गवाह हैं, इन्हें जमींदोज होने से पर्यटन के जरिए बचाया जा सकता है।

पर्यटन से उद्योग धंधों को स्थापित करने में न केवल मदद मिलेगी। पर्यटन के रूप में क्षेत्र विकसित होने से यहां बेरोजगार नौजवानों को रोजगार के अवसर मुहैया होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें