पाइप लाइन टूटने से भरा पड़ा पानी
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जल निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण एक सप्ताह से टूटी पाइप लाइन से प्रतिदिन हजारों लीटर पानी नालियों में बह रहा है। एक ओर जहां जिले में पानी की लूट मची है, वहीं विभाग को पानी की बर्बादी की फिक्र नहीं है।
जिले में जहां बूंद बूंद पानी के लिए लोग तरस रहे है। वहीं जल निगम की लापरवाही के चलते एक सप्ताह पहले टूटी पाइप लाइन को दुरुस्त कराने की विभाग ने जहमत नहीं उठाई है। जिससे लगातार हर रोज हजारों लीटर पानी सड़कों के किनारे भर रहा है। बावजूद इसके जल निगम के अधिकारी बेखबर है। पाइप लाइन टूटी होने से शहर के अलावा श्रीनगर और सिजहरी गांव में भी पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
गौरतलब है कि उर्मिल बांध से महोबा तक करीब 32 किमी तक बिछाई गई पाइप लाइन के जरिए पानी की आपूर्ति की जाती है। उर्मिल बांध से पहले श्रीनगर में बनाए गए फिल्टर प्लांट में पानी भेजा जाता है। प्लांट से पानी फिल्टर होने के बाद पाइप लाइन के जरिए महोबा में बने सीडब्ल्यूआर और ओवरहेड टैंकों में भेजा जाता है। जहां से शहर में पानी की आपूर्ति होती है, लेकिन फिल्टर प्लांट के आगे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीनगर के पास पाइप लाइन टूट जाने से पानी बर्बाद हो रहा है।
पाइप लाइन टूटने की जानकारी नहीं है। फिर भी जल निगम की टीम भेजकर टूटी पाइप लाइन को दुरुस्त कराया जाएगा। जिससे शहर में पानी की समस्या पैदा न हो।
ओमप्रकाश वर्मा, अधिशाषी अभियंता जल निगम