कबरई (महोबा)। आंध्रप्रदेश के शहर विशाखापत्तनम से उत्तर प्रदेश होते हुए चंडीगढ़ जा रहे गांजे से भरे कंटेनर को नार्कोटिक्स, एसटीएफ व थाना कबरई पुलिस की संयुक्त टीम ने पकड़ लिया।
कंटेनर में गांजा अलग से बनाए गए केबिन में रखा गया था। बरामद दो क्विंटल 51 किलोग्राम गांजे की कीमत 62.75 लाख रुपये बताई जा रही है। टीम ने दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।
लखनऊ एसटीएफ टीम और नार्कोटिक्स टीम प्रभारी पंकज दुबे के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम गांजा तस्करी के मामले में एक सप्ताह से सुराग लगा रही थी। बुधवार की सुबह टीम को सूचना मिली कि गांजे से भरा कंटेनर कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग होते हुए महोबा के कबरई चौराहे से गुजर रहा है।
तभी टीम ने कंटेनर को पकड़ लिया। आधा से ज्यादा कंटेनर खाली था। कंटेनर के अंदर अलग से खुफिया केबिन बनी थी, जो लोहे के चादर से ढकी थी। टीम ने गैस कटर मंगाकर केबिन कटवाया तो भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पकड़े गए आरोपियों में चालक राहुल पाल निवासी गोहानी जनपद प्रतापगढ़ व प्रिंस कुमार पटेल निवासी मौली जागरण विकासनगर चंडीगढ़ शामिल हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने बताया कि संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान कंटेनर पकड़ा। इससे दो क्विंटल 51 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है। जिसकी 62.75 लाख रुपये से अधिक है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना में शामिल शेष आरोपियों की तलाश की जा रही है।
प्रतापगढ़ का रामबरन करता है गांजे की सप्लाई
महोबा। गांजा लदे कंटेनर से पकड़े गए आरोपी राहुल पाल व प्रिंस पटेल ने बताया कि वह गांजे को विशाखापत्तनम से लादते हैं और चंड़ीगढ़ में सप्लाई करते हैं। यह सब सप्लाई रामबरन पटेल उर्फ नेता निवासी भाटीखुर्द जनपद प्रतापगढ़ कराता है, जो वर्तमान में चंडीगढ़ में रहता है। कंटेनर भी रामबरन पटेल का है, वह गांजे की सप्लाई का व्यापार करता है। पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में जुट गई है। (संवाद)