महोबा। गिरोह बनाकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले गैंगस्टर एक्ट के चार दोषियों को अदालत ने शनिवार को फैसला सुनाया। चारों दोषियों को चार-चार वर्ष की कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
थानाध्यक्ष खरेला घनश्याम सचान एक अक्तूबर 2012 को पाठा, शिवहार व कमलखेड़ा गांव में गश्त कर रहे थे। तभी ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि हनुमत शरण तिवारी निवासी चरखारी, शकील अहमद निवासी मौदहा हमीरपुर, जगदीश नारायण दीक्षित निवासी रोशनपुरा और पीर अली निवासी ललपुरा हमीरपुर संगठित गिरोह बनाकर मारपीट, चोरी, नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। कस्बा खरेला निवासी ऋषि शुक्ला के घर भी नकबजनी कर चोरी की घटना हुई थी। जिसमें भी इन्हीं लोगों के नाम सामने आए थे। डीएम के आदेश पर चारों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी), विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट सर्वोत्तमा नगेश शर्मा ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। चारों आरोपियों को सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर दो-दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।