महोबा। एक साल पहले पति-पत्नी पर जानलेवा हमला करने में अदालत ने पिता और दो पुत्रों को दोषी पाया। उन्हें छह-छह साल की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने अभियुक्तों पर चार-चार हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। अदालत ने तीनों अभियुक्तों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है।
पांच अक्तूबर, 2018 को थाना कबरई के रैवारा गांव निवासी रन्नो अपने पति रामगोपाल यादव के साथ गांव के बाहर अपने खेतों में काम कर रही थी। तभी परिवार का ही मंगल यादव पुत्र जगलाल यादव ने रन्नो के खेत में जानवर छोड़ दिए। रन्नो ने जानवरों को बाहर भगा दिया, इस पर मंगल यादव महिला को जान से मारने की धमकी देते हुए घर चला गया और शाम को अपने भाई रमेश और पिता जगलाल यादव के साथ कुल्हाड़ी, फरसा और लाठी लेकर रन्नो के घर में जा धमका। घर पर मौजूद रन्नो और उसके पति रामगोपाल पर कुल्हाड़ी, लाठी और फरसे से जानलेवा हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई रन्नो की भाभी और भाई की भी पिटाई की। रामगोपाल की हालत नाजुक होने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कबरई से जिला अस्पताल भेजा गया। हालत में सुधार न होने पर मेडिकल कॉलेज कानपुर रेफर कर दिया। जबकि रन्नो की जिला अस्पताल से छुट्टी कर दी गई थी। 26 दिन बाद पति के होश में आने के बाद रन्नो ने कबरई थाने में मंगल यादव, उसके भाई रमेश यादव और पिता जगलाल यादव के खिलाफ जानलेवा हमला करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मंगलवार को न्यायधीश गुलाब सिंह ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद पिता जगलाल यादव और दो पुत्र मंगल यादव व रमेश यादव को जानलेवा हमला करने का दोषी ठहराते हुए तीनों को धारा 307 में छह-छह साल की सजा और दो हजार रुपये जुर्माना, धारा 308 में चार-चार साल की सजा और दो हजार का जुर्माना ठोंका। इस मुकदमे की सरकार पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता केशव सिंह राजपूत और शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अभियुक्तों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है।