कबरई (महोबा)। थाना कबरई के खजुरिया पहरा गांव में फसल बर्बाद होने और कर्ज अदायगी की चिंता में परेशान किसान ने फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक ने बेटी के इलाज व बेटे की शादी के लिए साहूकारों से आठ लाख रुपये कर्ज ले रखा था। परिवार के मुखिया की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
खजुरिया पहरा गांव निवासी राजेंद्र पाल (45) तीन बीघा भूमि में खेती-किसानी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। इस बार उसने खरीफ सीजन में तिल की फसल बोई थी। एक सप्ताह पहले हुई अतिवृष्टि से खेत में पानी भर गया था। जिससे फसल बर्बाद हो गई थी। मंगलवार की रात किसान घर पर था। रात करीब दो बजे जब परिवार के सभी लोग सो गए। तभी उसने घर के पास बने पशुबाड़े में लट्ठे से तौलिया का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। जिससे उसकी माैत हो गई। सुबह जब परिजन जागे तो राजेंद्र को फंदे पर लटकता देख उनके होश उड़ गए। घटना से पत्नी लक्ष्मी, दो पुत्र पुष्पेंद्र व गोविंद और तीन पुत्रियां पूजा, सुधा व रागिनी का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
मृतक के बड़े पुत्र पुष्पेंद्र ने बताया कि दो साल पहले बड़ी बहन पूजा की शादी में पिता ने साहूकारों से कर्ज ले लिया था। पैदावार न होने से कर्ज की अदायगी नहीं हो सकी। इसके बाद पिछले वर्ष उसकी शादी में भी पिता ने कर्ज लिया था। रवि फसल के दौरान छोटी बहन सुधा फसल मड़ाई के समय थ्रेसर की चपेट में आ गई थी। जिसके इलाज के लिए साहूकारों से कर्ज लेना पड़ा। आठ लाख रुपये कर्ज होने पर साहूकार कर्ज अदायगी का दबाव बनाते रहे। इस बार खेत में पानी भर जाने से फसल बर्बाद हो गई। जिससे पिता परेशान रहते थे और इसी के चलते आत्महत्या कर ली। थानाध्यक्ष कबरई वीरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आत्महत्या के कारणों की जांच कराई जा रही है।