हमीरपुर। जिला अस्पताल के ऊपरी मंजिल में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री (आईपीएचएल) की जा रही है। भवन में फर्नीचर का काम पूरा हो चुका है। जांच मशीनें भी आ गईं हैं। उम्मीद है कि दीपावली के पहले अत्याधुनिक लैब काम करना शुरू कर देगी। इस लैब के शुरू होने से जिले में मरीजों की 117 प्रकार की जांच हो सकेंगी। उन्हें जांच के लिए निजी पैथोलॉजी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सीएचसी स्तर पर ब्लड के नमूने लेकर यहां जांच के लिए भेजे जाएंगे।
दो साल पहले इंटीग्रेटेड लैब बनाने का शुरू किया गया था। जिला अस्पताल के मैनेजर विवेक राजधर ने बताया कि यहां फर्नीचर का काम पूरा हो चुका है। जांच मशीनें भी आ चुकी हैं। दीपावली पर्व के पहले इसे शुरू कराने की तैयारी चल रही है। इसमें मरीजों को एक ही छत के नीचे डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, चिकनगुनिया, स्क्रबटाइफस, एक्ट्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम, टीबी के अलावा कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, गुर्दा, मोतियाबिंद, अल्जाइमर, आईडीएसपी, आरटीपीसीआर समेत अन्य सभी गैर संचारी रोगों, माइक्रो बायोलॉजी में वायरोलॉजी, बैक्टीरियोलॉजी, प्रोटिस्टोलॉजी, माइक्रोलॉजी, इम्यूनोलॉजी और पैरासिटोलॉजी समेत करीब 117 तरह की जांचों की सुविधा मिलेगी।
जरूरी जांचे न होने से मरीज थे परेशान
जिला पुरुष और महिला अस्पताल की प्रयोगशाला में कई जरूरी जांचें उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में तमाम मरीजों को निजी पैथोलॉजी पर जांच करानी पड़ती हैं। माइक्रोबायोलॉजी सहित कई जांचें न होने के कारण मरीजों को ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अत्याधुनिक लैब के स्थापित होने के बाद मरीजाें की जांच से संबंधित समस्याएं दूर हो जाएंगी।
अस्पताल के ऊपरी भवन में इंटीग्रेटेड लैब संचालित कराने के लिए काम कराया गया है। मशीनों को लैब में सेट कराने के लिए बाहर से इंजीनियर बुलाए गए हैं। जल्द ही लैब को शुरू कराकर मरीजों को बेहतर जांच की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
- डॉ. एसपी गुप्ता, सीएमएस, जिला अस्पताल