महोबा। केंद्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर बुधवार से जूनियर इंजीनियर संगठन महोबा ने जीपीएफ में हुए घोटाले के विरोध में पावर हाउस परिसर में धरना देकर विरोध किया। संगठन ने चार दिन तक धरना देने का एलान किया। चेतावनी दी कि इसके बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं की तो संगठन शांत नहीं बैठेगा।
धरने को संबोधित करते हुए दिनेेश कुमार मौर्या ने कहा कि संगठन का धरना 23 नवंबर तक चलेगा। इंजीनियर धरना प्रदर्शन के दौरान कोई कार्य नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उप्र पावर कार्पोरेशन लि. में कार्यरत समस्त कार्मिकों के सामान्य भविष्य निधि के जमा धन को ट्रस्ट के नियमों से विचलन कर दीवान हाउसिंग फाइलेंस लि. में निवेश किया गया, जो वर्तमान में दीवालिया होने की कगार पर पहुंच गई है। कार्मिकों के भविष्य निधि का लगभग 2200 करोड़ रुपया फंस गया हैं। इससे अवर अभियंता, प्रोन्नत अभियंता और अन्य कार्मिकों का भविष्य अंधकारमय है। कर्मचारी चिंतित और आक्रोशित हैं। इजी. विजयशंकर ने कहा कि घोटाले में लिप्त अधिकारियों और ट्रस्टी सदस्यों को तत्काल निलंबित कर जांच की जाए। कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के जीपीएफ की व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है। कहा कि जबतक दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, संगठन शांत नहीं बैठेगा। इस मौके पर पुनीत शर्मा, प्रीति गुप्ता, विजय कौशल, अम्बिका पटेल, रामकरन, देवकीनंदन, रामगुलाम आदि अभियंता मौजूद रहे।