महोबा/पनवाड़ी। यूक्रेन से लौटे छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है। अपने वतन में ही पढ़ाई शुरू होने से इन छात्रों को राहत मिली है।
यूक्रेन और रूस के बीच छिड़े युद्ध पर जिले के छह छात्रों ने वतन वापसी कर ली थी। अब वह ऑनलाइन पढ़ाई में जुट गए हैं। यूक्रेन के पड़ोसी देश पोलैंड व यूरोपीय देशों से ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। इससे यह छात्र खुश हैं। उन्हें लग रहा है कि उनकी पढ़ाई बाधित नहीं होगी। हालांकि यह मेडिकल विद्यार्थी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
पनवाड़ी निवासी अनुपमा राजपूत ने बताया कि अभी तो ऑनलाइन पढ़ाई चालू हो गई है पर चिंता है कि आगे क्या होगा। पोलैंड से ऑनलाइन पढ़ाई की जा रही है। सुमित राजपूत ने बताया कि रूस-यूक्रेन के बीच अभी भी जंग जारी है। युद्ध विराम होने पर ही कुछ होगा। अभी कुछ दिनों से ऑनलाइन पढ़ाई चालू कर दी गई है।
तरुण महान ने बताया कि 21 मार्च से ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे है। यूक्रेन में शांति नहीं हुई तो किसी भी यूरोपीय देश में आगे की पढ़ाई की जा सकती है। अंकुश महान ने बताया के ऑनलाइन पढ़ाई की जा रही है। रोजाना सात-आठ घंटे की पढ़ाई होती है। यूरोपीय देशों के किसी भी देश में हम लोगों को ट्रांसफर किया जा सकता है। राज द्विवेदी ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होने से आशा जागी है। युद्ध विराम नहीं होता तो यूरोपीय देश में कही भी ट्रांसफर कर देने का नियम है। यूक्रेन से लौटे छात्रों को कहीं न कहीं समायोजित किया जाएगा।
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