चरखारी (महोबा)। मोहर्रम की सातवीं पर कस्बा चरखारी से निकलने वाले परंपरागत हजरत इमाम हुसैन की सवारी दुलदुल (घोड़ा) जुलूस को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।
बुधवार को कस्बे के मोहल्ला नवादा में मोहर्रम कमेटी की बैठक अध्यक्ष नियाज अहमद की अध्यक्षता में हुई। इसमें बताया कि चरखारी में यह परंपरा 168 वर्षों से चली आ रही है। यह जुलूस न सिर्फ श्रद्धा और अकीदत का प्रतीक है बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल है। जुलूस में हजारों की संख्या में अकीदतमंद शामिल होते हैं। जुलूस में सजे दुलदुल पर लगे नींबू को निकालने की परंपरा है। मान्यता पूरी होने पर श्रद्धालु चांदी या सोने के नींबू अर्पित करते हैं।
बैठक में कमेटी संरक्षक अनामत सौदागर, उपाध्यक्ष सईद सौदागर, सरफराज, हसीन, आशिक मंसूरी, शाहबाज खान, मुस्ताक मंसूरी, शोएब खान आदि मौजूद रहे।