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Mahoba News: तीन घंटे की झमाझम बारिश से उफनाए नाले, दुकानों में घुसा पानी

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फोटो 04 एमएएचपी 06 परिचय-पुराने इंडियन बैंक के पास सड़क पर हुए जलभराव के बीच निकलते लोग। संवाद
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-सड़कों पर डेढ़ से दो फीट तक जलभराव होने से वाहन चालकों को हुई परेशानी
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-दुकानों में पानी घुसने से हजारों का नुकसान, दुकानदार रहे परेशान
फोटो 14 एमएएचपी 06 परिचय-पुराने इंडियन बैंक के पास सड़क पर हुए जलभराव के बीच निकलते लोग। संवाद

फोटो 14 एमएएचपी 07 परिचय-परमानंद तिराहे में दो फीट तक जलभराव होने से दुकानों में घुसा पानी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। एक सप्ताह से निकल रही तेज धूप के बाद शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह के समय रिमझिम बारिश होती रही। दोपहर दो बजे से शाम पांच घंटे तक हुई झमाझम बारिश से नाले उफना गए। सड़कोंं पर डेढ़ से दो फीट की ऊंचाई तक पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवाजाही में दिक्कत हुई। 15 एमएम बारिश दर्ज की गई।
जिले में इस बार माह जुलाई में बेहद कम बारिश हुई। माह अगस्त की शुरुआत में तीन दिन लगातार बारिश होने के बाद मौसम साफ हो गया था। तेज धूप निकलने से गर्मी व उमस के चलते लोग परेशान थे। शुक्रवार को सुबह से ही बारिश शुरू हो गई। दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक तेज बारिश होने से शहर के प्रमुख नाले उफना गए। नाले उफनाने से सड़कों पर जलभराव हो गया। सबसे ज्यादा दिक्कत परमानंद तिराहा, गांधीनगर, पुराने इंडियन बैंक के पास, शुक्रवारी बाजार, काजीपुरा व खोया मंडी के पास हुई। सड़कों पर दो फीट तक पानी भरने से वाहन चालक परेशान रहे। पैदल निकलने वाले लोगों के कपड़े भी खराब हो गए।
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शहर के परमानंद तिराहे के पास अधिक जलभराव होने से बारिश का पानी दुकानों में घुस गया। दुकानदारों को हजारों का नुकसान हुआ। दुकानदार उत्तम सिंह, हरीओम, प्रमोद, फैजान आदि ने बताया कि नालों की बेहतर तरीके से सफाई न कराए जाने से जरा सी बारिश में नाले उफना जाते हें। जलभराव होने से दुकानों में पानी घुस जाता है। इससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। शिकायत के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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बारिश से किसानों के खिले चेहरे
महोबा। जिले में एक सप्ताह से बारिश न होने से किसान परेशान थे। खेतों में बोई गई उड़द, मूंग, तिल, अरहर और ज्वार की फसल को इस समय पानी बेहद जरूरत थी। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाकर बारिश का इंतजार कर रहे थे। शुक्रवार को जिले में झमाझम बारिश होने से किसानों को राहत मिली। किसान प्रमोद, दीनदयाल, हरीकेश आदि ने बताया कि यह बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं है। बारिश न होने से खेतों की नमी समाप्त हो रही थी। तेज धूप के चलते फसलों की बढ़वार भी नहीं हो रही थी। अब बारिश से फसलों को नई जान मिलेगी।

फोटो 04 एमएएचपी 06 परिचय-पुराने इंडियन बैंक के पास सड़क पर हुए जलभराव के बीच निकलते लोग। संवाद

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