महोबा। जिले में जिला पंचायत के तहबाजारी टेंडर प्रक्रिया के चले आ रहे विवाद पर बृहस्पतिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष ने चुप्पी तोड़ी। कहा कि मंडल स्तर पर कार्यकारिणी का हाल ही में गठन किया गया है। वह मंडल उपाध्यक्ष को नहीं जानते थे। कुछ लोगोंं ने टेंडर प्रक्रिया बाधित करने का प्रयास किया लेकिन वह अपने मकसद पर सफल नहीं हो सके।
एक सप्ताह से जिला पंचायत की तहबाजारी की टेंडर प्रक्रिया सुर्खियों में है। पांच दिन पहले टेंडर डालने को लेकर जिला पंचायत कार्यालय में विवाद हुआ था। जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी ने भाजपा मंडल उपाध्यक्ष अंकित शुक्ला व महेश तिवारी पर टेंडर प्रक्रिया बाधित करने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किए जाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवाद बढ़ने पर टेंडर प्रक्रिया को प्रशासन ने अपने हाथ में ले लिया था। बुधवार की शाम टेंडर खोले गए। जिसमें लखनऊ की एक संस्था को टेंडर स्वीकृत किए गए।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष रही। तीन बार से टेंडर के दौरान विवाद के चलते प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पा रही थी। पहले 15 करोड़ 55 लाख मेंं टेंडर किया गया था। जो अब बढ़कर 25 करोड़ 43 लाख तक पहुंच गया है। राजस्व बढ़ने से जिला पंचायत विकास करा सकेगा।