पेपर लीक होने के बाद वापस लौटते अभ्यर्थी।
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महोबा/चरखारी। जिले के 16 केंद्रों में रविवार को आयोजित उत्तरप्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) रद्द होने से अभ्यर्थियों में मायूसी दिखी। पहली पाली में सुबह 9.45 बजे अभ्यर्थियों को प्रश्नप्रत्र और ओएमआर सीट वितरित कर दी गई थी। जिस पर सभी अथ्यर्थियों ने आवश्यक जानकारी भरी और दस बजे प्रश्नपत्र शुरू किया। इसी दौरान सेंटरों पर मजिस्ट्रेट पहुंचे और परीक्षा स्थगित होने की सूचना दी। जिससे सभी परीक्षार्थी बाहर निकल आए। दो केंद्रों से अचानक भारी संख्या में अभ्यर्थियों के निकलने से मुख्य मार्ग पर करीब आधा घंटे जाम लगा रहा।
जिले में टीईटी के लिए बनाए गए 16 केंद्रों में 15,951 अभ्यर्थियों को हिस्सा लेना था। पहली पारी में पंजीकृत 9,795 अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। डीआईआएस एसपी सिंह ने बताया कि अपरिहार्य कारणों के चलते शासन ने परीक्षा निरस्त की है। दोनों पालियों की परीक्षा की तिथि अलग से जारी की जाएगी। उधर दोपहर करीब 11 बजे अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्रों से एक साथ निकलने पर मुख्य मार्ग में नेहरू इंटर कॉलेज व सरस्वती विद्या मंदिर के समीप जाम लग दिया। जिससे करीब आधा घंटे तक वाहन चालक परेशान रहे। परीक्षा निरस्त होने से परीक्षार्थी सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों को कोसते नजर आए।
कोहनिया निवासी गजेंद्र कुशवाहा का कहना है कि वह परीक्षा देने के लिए केंद्र में आधा घंटा पहले ही केंद्र के अंदर पहुंच गए थे। कुछ प्रश्नपत्र हल करने के बाद अचानक परीक्षा निरस्त होने की सूचना दी गई।
टीईटी परीक्षा देने आए कुलपहाड़ निवासी अनुराग खरे ने कहा कि वह पूरी तैयारी के साथ पेपर देने आए थे लेकिन अचानक पेपर स्थगित किए जाने उनके समय व पैसे की बर्बादी हुई।
खैरोकलां निवासी रविकांत तिवारी का कहना है परीक्षा निरस्त होने से अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। सरकार और प्रशासनिक अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार हैं।
छतरपुर निवासी नवीन कुमार तिवारी ने बताया कि वह एक कंपनी में प्राईवेट जॉब करते हैं। उन्होंने टीईटी परीक्षा पास कर सुनहरे भविष्य का सपना संजोया था लेकिन परीक्षा निरस्त हो गई।
दो केंद्रों से अचानक अभ्यर्थियों के निकलने से मुख्य मार्ग में लगा जाम।- फोटो : MAHOBA