चरखारी (महोबा)। देवोत्थान एकादशी पर श्रद्धालुओं ने गोवर्धन नाथ मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अर्चना की। 08 कृष्ण मंदिरों के दर्शन कर परिक्रमा लगाई। पूरे दिन लोगों ने मेले का लुत्फ उठाया।
कस्बा चरखारी में 108 कृष्ण मंदिरों और कमल दल से आच्छादित सप्त सरोवरों की नैसर्गिक सुंदरता देखते ही बनती है। यहीं वजह है कि चरखारी को बुंदेलखंड का कश्मीर कहा जाता है। यहां दिवाली के दूसरे दिन से एक माह तक चलने वाले ऐतिहासिक गोवर्धन नाथ जू मेले में सबसे ज्यादा भीड़ देवोत्थान एकादशी पर होती है। सोमवार को दूर-दराज के गांवों व पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से महिलाएं ट्रैक्टर, ऑटो व निजी वाहनों से गोवर्धन्नाथ जू मंदिर परिसर पहुंची। पूजा- अर्चना की।
ज्योतिषाचार्य पं. भरत त्रिपाठी ने बताया कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होते ही सभी देवता शयन में चले जाते हैं और देवोत्थान एकादशी के दिन तुलसी विवाह के साथ ही सभी देवताओं के जागरण का दिन माना जाता है। आज से हिंदू धर्म में सभी शुभ कार्य प्रारंभ हो जाते हैं।
50 रुपये तक में बिका एक गन्ना
महोबा। देवोत्थान एकादशी पर गन्ने का महत्व अधिक होने से खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। दुकानदारों ने अस्थाई दुकान लगाकर बिक्री की। दस रुपये से लेकर 50 रुपये तक का एक गन्ना बिका। पूजा सामग्री में चने की भाजी, बेर, मूंग की कोसे, मकुइया आदि शामिल रहा। लोगों ने घरों में गन्ने का मंडप बनाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। बच्चों ने पटाखा व फुलझड़ी चलाकर पर्व की खुशियां मनाईं।
देवोत्थान एकादशी पर गोवर्धन्नाथ मंदिर की परिक्रमा करतीं महिलाएं।- फोटो : MAHOBA