संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गुरुवार को उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव फेडरेशन के उपसभापति रमाशंकर जायसवाल गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि गोरखगिरि पर्वत पहुंचे। उन्होंने वहां चल रहे सौन्दर्यीकरण निर्माण कार्यों का जायजा लिया और मौजूद साधु संतों से जानकारी ली। धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्यों पर नाराजगी जताई। बताया कि वह अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौपेंगे।
निरीक्षण के दौरान उपसभापति के साथ कोऑपरेटिव फेडरेशन के निदेशक प्रवीण सिंह जादौन भी थे। उन्होंने करीब दो घंटे तक वहां के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। गोरखगिरि पर्वत को आदर्श पर्यटन तीर्थ बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने पूर्व डीएम सत्येंद्र कुमार से एक वृहद प्रोजेक्ट बनाने के लिए कहा था। इसके बाद 12 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नियुक्त किया गया था।
इस प्रोजेक्ट के तहत शिवतांडव में मंदिर, पहाड़ के ऊपर सिद्ध बाबा मंदिर, ध्यान केंद्र, गेस्ट हाउस, ओपन एयर थिण्टर, संजीवनी वाटिका, सिद्धबाबा तक जाने वाला एक किलोमीटर लंबा और पांच फिट चौड़ा मार्ग आदि शामिल है। इसके अलावा गोरखगिरि के ऊपर 51 फुट ऊंची गुरु गोरखनाथ की कांसे की मूर्ति व रोपवे भी शामिल है। पिछले दो वर्ष से यहां निर्माण कार्य चल रहा है। इसकी गुणवत्ता को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। अब निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।