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बुंदेलों की सुनो कहानी, बुंदेलों की वाणी में

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बुंदेलखंड शौर्य उत्सव में भगवान हनुमान की सजी झांकी - फोटो : MAHOBA
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महोबा। ऐतिहासिक कीरत सागर तट पर चल रहे नौ दिवसीय बुंदेलखंड शौर्य उत्सव की सातवीं शाम आल्हा गायन के नाम रही। आल्हा गायक दो सगी बहनों दीक्षा व प्रतीक्षा यादव ने आल्हा व ऊदल की शौर्य गाथाओं को पेश कर दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। बुंदेलों की सुनो कहानी, बुंदेलों की वाणी में, पानीदार यहां का पानी, आग यहां के पानी में सुनाकर वाहवाही लूटी।
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बुंदेलखंड शौर्य उत्सव में चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार की रात हाईकोर्ट के अधिवक्ता अरिमर्दन सिंह राजपूत, बजरंग दल कानपुर प्रांत के प्रदेश अध्यक्ष अजीत राज व संगीताचार्य पं. जगप्रसाद तिवारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद बावला ब्लाइंड स्टार अकादमी के बच्चों ने गीतों की प्रस्तुति दी। लखनऊ से आए अंकुर एंड नटराज ग्रुप के कलाकारों ने ग्यारहमुखी भगवान हनुमान का चित्रण किया। इसे देखकर पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद समुद्र देव, भगवान हनुमान की लीला व अक्षय वध का मंचन किया गया।
देर रात तक चले कार्यक्रम में उमाशंकर सेन की मंडली ने आल्हा गायन की प्रस्तुति दी। आल्हा गायक दीक्षा व प्रतीक्षा यादव ने वीर आल्हा-ऊदल की 52 लड़ाइयों का वर्णन सुनाया। झांसी के रानी के शौर्य व पराक्रम को भी आल्हा गायन के माध्यम से पेश किया। इस मौके पर बजरंग दल के प्रदेश उपाध्यक्ष अवधेश शर्मा, मयंक तिवारी, कार्यक्रम संयोजक सुनील नाहर, हिमांशु परमार, इरफान पठान, रामजी गुप्ता मौजूद रहे।

आल्हा गायन की प्रस्तुति देतीं दीक्षा और प्रतीक्षा यादव- फोटो : MAHOBA

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