महोबा। जिले के बालू खनन के तार ऊंची पहुंच रखने वालों से जुड़े है। स्वयं को सीएम आवास में तैनात दरोगा बताने वाले व्यक्ति ने पट्टे के साझेदारों से धोखधड़ी करते हुए दूसरे के नाम इकरारनामा कर दिया। कथित दरोगा कई बालू खदानों में पार्टनर भी बताया जा रहा है। जो हर माह महोबा आकर माफियाओं के संपर्क में रहता है और खदानें आवंटित कराने के नाम पर मोटी रकम वसूल रहा है। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद यदि निष्पक्ष जांच हुई तो कई और नाम उजागर होंगे। गौरतलब है कि थाना कबरई के ग्राम सिंघनपुर बघारी निवासी कमलेंद्र व शहर के मोहल्ला आलमपुरा निवासी अवधेश दुबे ने जिलाधिकारी सहदेव और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर बताया कि उनका संपर्क अक्सर जिले में आकर रुकने वाले रायबरेली के गरलौली निवासी धर्मेद्र सिंह से हुआ। जिसने स्वयं को दरोगा बताते हुए मुख्यमंत्री आवास में तैनात होने की बात कही। दरोगा बताने वाले युवक ने जिले के पनवाड़ी क्षेत्र में दो बालू घाटों का पट्टा कराया और बाद में उक्त पट्टों का दूसरे के नाम इकरारनामा कर दिया। साझेदारों के विरोध करने पर दी गई 25 लाख की चेक भी बाउंस हो गई।
दरोगा बताने वाला युवक कई बालू खदानों में 13 प्रतिशत का पार्टनर बताया जा रहा है। जिले में बड़े स्तर पर चल रहे बालू खनन में अधिक कमाई के चक्कर में पट्टे कराने की जुगत भिड़ा रहे लोगों को बालू खनन का पट्टा कराने का लालच देकर धोखाधड़ी का शिकार बनाया जा रहा है। लखनऊ के सीएम आवास में तैनाती बताने वाले कथित दरोगा द्वारा धोखाधड़ी किए जाने का मामला उजागर होने के बाद कई और चेहरे सामने आ सकते है।
ऊंची पहुंच रखने वालों से जुड़े है जिले के बालू खनन के तार
- कई बालू खदानों में पार्टनर बताया जा रहा सीएम आवास में तैनात कथित दरोगा
- बालू घाट के साझेदारों से धोखाधड़ी का मामला