डंपर के पहिये में फंसे लोगों को बाहर निकालती पुलिस।
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महोबा। कानपुर-सागर हाईवे पर सोमवार की दोपहर हृदयविदारक घटना ने सभी को झकझोर दिया। खून से लाल सड़क व जगह-जगह पड़े तीनों शवों के चीथड़े देखकर हर किसी की रूह कांप उठी। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। घटना के तीन घंटे बाद मृतकों की शिनाख्त हो सकी।
मिल्कीपुरा निवासी स्व. मुस्तफा की पत्नी हसीना बानो, पुत्री रजिया व पुत्र सिद्दीक इस सड़क हादसे में मौत का शिकार बने। तीनों लोग एक ई-रिक्शा में सवार होकर रिश्तेदारी में जा रहे थे। दो शवों की तो शिनाख्त करना मुश्किल नजर आ रहा था। घटना के बाद चीखें सुनकर राहगीर व आसपास के दुकानदारों की भीड़ एकत्र हो गई। तीनों शव पहियों में फंसे थे। तीन घंटे बाद शाम करीब साढ़े चार बजे अस्पताल पहुंचे परिजनों ने मृतकों की शिनाख्त की। घटना के बाद मृतका के पुत्र अजीम, इदरीश व पुत्री जोहरा और हदीसा गमगीन हैं। सभी की शादी हो चुकी है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि छतरपुर की ओर से आने के दौरान चौराहे में ढ़लान होने से डंपर तेज गति से आ रहे था। जैसे ही ई-रिक्शा चालक ने समदनगर जाने के लिए हाईवे की ओर रिक्शा घुमाया तो डंपर टक्कर मारते हुए काफी दूर तक ले गया। गनीमत रही कि सड़क किनारे रेलिंग लगी था। इससे ट्रक टकरा गया और गहरी खाई में जाकर पलटने से बच गया। शहर के बीच से गुजरे हाईवे में तेज रफ्तार हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है। यहां वाहनों को मोड़ने के दौरान रोकने के लिए पुलिस की भी तैनाती नहीं है।
डाकबंगला तिराहे के समीप सड़क किनारे गुटका-बीड़ी की दुकान किए महिला भी डंपर की चपेट में आकर घायल हो गई। मूल रूप से बसहरी गांव निवासी रानी अपने पति भागीरथ के साथ बीजानगर मार्ग में किराये का कमरा लेकर ठेलिया लगाती है। डंपर की चपेट में आने से रानी गंभीर रूप से घायल हो गई जबकि ठेलियां में रखा सामान सड़क पर गिरकर बर्बाद हो गया।