महोबा। कबरई थाने का हिस्ट्रीशीटर बालादीन साथियों के साथ चोरी की घटना को अंजाम देने के लिए औरैया और इटावा गया। वारदात कर पाने में असफल रहने पर बालादीन साथियों के साथ वापस महोबा लौट रहा था। उसी दौरान जालौन में उसकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। साथी पकड़े जाने के डर से बालादीन को अस्पताल नहीं ले गए थे। हिरासत में लिए बालादीन के साथियों से पूछताछ में पुलिस के सामने यह बात आई है। अभी आरोपियों से थाने में पूछताछ चल रही है।
कबरई के मकरबई गांव निवासी बालादीन कबरई थाने का हिस्ट्रीशीटर था। उसके खिलाफ चोरी व अन्य कई आपराधिक मामले कबरई व मध्य प्रदेश के थानों में दर्ज हैं। कबरई थाना प्रभारी दीपक पांडेय ने बताया कि छानबीन व हिस्ट्रीशीटर के साथियों से पूछताछ में सामने आया है कि बालादीन के साथ वह लोग चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए पहले इटावा और फिर मैनपुरी गए थे। जब कहीं चोरी नहीं कर पाए तो औरैया में सभी ने शराब पी और मुर्गा खाया। वहां से महोबा लौटते समय जालौन में बालादीन की हालत बिगड़ गई। वह लोग पकड़े जाने के डर से बालादीन को अस्पताल नहीं ले गए और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद वह लोग कार से शव लेकर कबरई आए थे।
बकौल थाना प्रभारी हिरासत में लिए शातिरों की बातों को तस्दीक किया जा रहा है। आरोपी शातिर चोर हैं। इन लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके बाद सभी पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, पोस्टमार्टम में बालादीन की मौत की वजह साफ नहीं हुई है। जल्द ही विसरा का जांच के लिए लखनऊ स्थित फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने पर इस मामले में आगे की कार्रवाई होगी।