महोबा। पत्थरमंडी कबरई में अवैध खनन, परिवहन व विस्फोटक बिक्री को लेकर लंबे समय से व्यापारियों को शोषण किया जा रहा था। क्रशर व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने तत्कालीन एसपी और एसओ के शोषण के खिलाफ आवाज उठाई, जो उनकी मौत का कारण बना। इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के बाद व्यापारियों कीं आंखें नम हो गईं। घटना के बाद से प्रत्येक व्यक्ति की जुबां पर एक ही शब्द है कि तत्कालीन एसपी के खिलाफ क्रशर व्यापारी द्वारा आवाज उठाना उन्हें महंगा पड़ा। व्यापारी यदि प्रतिमाह अफसरों की मांग के अनुसार पैसा भेजता रहता तो यह घटना न होती। दर्जनों व्यापारी शोषण का शिकार थे, लेकिन कोई आवाज उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। एक समाजसेवी व व्यापारी ने आवाज उठाई तो उसकी आवाज दबाने के लिए घटना को अंजाम दिया गया। संवाद
गोली लगने के बाद से कोमा में थे क्रशर व्यापारी
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी को गोली लगने के बाद से आज तक वह बोल नहीं सके। न ही कोई बयान दिए और न आंखें खोली। यहां तक कि गोली लगने के बाद से सीधे आईसीयू में जाने के बाद पत्नी और बच्चे भी अंतिम समय में बातचीत नहीं कर सके। पत्नी रंजना त्रिपाठी भी पति से बातचीत करने के लिए काफी बेताब रही, लेकिन वेंटीलेटर में चले जाने के बाद व्यापारी की मौत हो गई, जिससे पत्नी से भी व्यापारी आखिरी क्षणों में कुछ भी नहीं बता सके। संवाद
पैसा न भेजने पर तत्कालीन एसपी ने दी थी धमकी
कबरई (महोबा)। प्रतिष्ठित क्रशर कारोबारी व विस्फोटक डीलर इंद्रकांत त्रिपाठी को कारोबार चलाने के नाम पर छह लाख रुपये प्रतिमाह तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार द्वारा लिए जाते थे। जून माह तक पैसा देने के बाद इंद्रकांत ने जुलाई में कारोबार मंदा होने के कारण पैसा देना बंद कर दिया। अगस्त में एसपी ने इंद्रकांत को बुलाकर धंधा शुरू करने और हर माह पैसा भेेजने का दबाव बनाया। पैसा न भेजने पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी थी। जिस पर क्रशर कारोबारी ने आठ सितंबर को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर हत्या कराने का आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल किया था।
अब पत्नी को बच्चों की परवरिश की चिंता
महोबा। पत्थर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक अपने पीछे एक 12 साल की बेटी गुनगुन व आठ साल का बेटा छोटू छोड़ गए हैं। पति की मौत के बाद पत्नी रंजना त्रिपाठी को छोटे-छोटे बच्चों की परवरिश की चिंता सता रही है। पूरे परिवार का खर्च चलाने वाले इंद्रकांत की मौत के बाद परिजन गमगीन है। उनकी मौत की खबर आते ही मोहल्ले के तमाम घरों में चूल्हे तक नहीं जले। कस्बे में शाम से ही सन्नाटा छा गया। सिर्फ पुलिस ही पुलिस चारों तरफ दिखाई दी। संवाद
पैरालाइसिस का पड़ा था अटैक
कानपुर। रिजेंसी केडॉक्टरों के मुताबिक, गोली ठोड़ी पर लगकर आरपार हो गई थी, जिससे सर्वाइकल स्पाइनल कार्ड डैमेज हुआ, इससे इंद्रकांत को पैरालाइसिस का अटैक पड़ा। अटैक की वजह से हालत गंभीर हुई फिर फेफड़े संक्रमित हो गए। जिसके बाद उनको वेंटीलेटर पर रखना पड़ा। आखिर में उनकी मौत हो गई।
क्रशर कारोबारी की मौत के बाद नामजद आरोपियों पर अब जानलेवा हमला, रिश्वत मांगने के लिए धमकी देना, जानलेवा हमले की साजिश रचने और भ्रष्टाचार निवारण एक्ट के अलावा अब आरोपियों पर हत्या के मुकदमे की धाराएं भी जुड़ेगी। इसके आदेश संबंधित एसओ को जारी किए जाएंगे।
-अरुण कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक, महोबा
अब गवाही तय करेगी कौन बचेगा, कौन फंसेगा
बांदा। क्रशर व्यवसायी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत से घटना के कई अहम राज खुलने की परिस्थितियां कुछ धूमिल पड़ गई हैं। गोली लगने के बाद घायल व्यापारी द्वारा कोई बयान न दे पाने से मामले में अब आरोपियों को सजा गवाहों और पुलिस की विवेचना पर निर्भर करेगी। जैसा कि कहा जा रहा कि गोली से घायल होने के बाद इंद्रकांत कोई बात नहीं कर सके। अगर मरने से पूर्व बयान हो जाते हैं तो आरोपियों को सजा लगभग तय मानी जाती है।
कानून के जानकार वरिष्ठ अधिवक्ता भी यही बात कह रहे हैं। क्रशर व्यवसाई के मामले में महोबा के तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज होने से मामला काफी हाई प्रोफाइल बन गया है। इंद्रकांत का घटना से कुछ दिनों पूर्व वायरल वीडियो जिसमें उसने तत्कालीन एसपी पर पैसा मांगने और जान से मारने की धमकी देने की बात कही थी, के बाद से ही मामला सुर्खियों में आने लगा था। गोली मारे जाने और उसके बाद अब मृत्यु होने पर प्रकरण और संगीन हो गया है। उधर, चित्रकूटधाम मंडल के वरिष्ठ अधिवक्ता (फौजदारी) अशोक दीक्षित का कहना है कि अगर मरने के पूर्व बयान हो जाएं तो केस मजबूत हो जाता है, लेकिन इंद्रकांत के मामले में अगर बयान नहीं हो पाए हैं तो अब इस घटना के गवाह ही आरोपियों को जेल पहुंचाकर सजा दिला सकेंगे।
इस घटना में परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर भी काफी कुछ निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी का पूर्व में वायरल हुआ वीडियो परिस्थितिजन्य साक्ष्य की श्रेणी में आता है। साथ ही अब पुलिस की विवेचना भी दोषियों को दंड दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पुलिस को पता करना होगा कि अगर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक का इसमें हाथ है तो कोई इसका साक्ष्य/गवाह जुटाना होगा। अधिवक्ता के मुताबिक, साजिशकर्ता या घटना को अंजाम देने को प्रेरित करने वाले को भी वही दंड मिलता है जो मारने वाले के लिए निर्धारित है। दीक्षित ने कहा कि इसमें मृत्युदंड या उम्रकैद का प्रावधान है।
क्रशर व्यवसायियों में गम और गुस्सा
बांदा। क्रशर व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत से समूचे बुंदेलखंड के क्रशर व्यवसायियों में दुख और रोष है। चित्रकूटधाम मंडल में ही 380 क्रशर हैं। इनके संचालकों में भी अपने साथी की मौत पर गम और गुस्सा है। पुलिस और प्रशासन ने इसको भांपते हुए फिलहाल कबरई में पुलिस तैनात कर दी है, लेकिन अगर निष्पक्ष जांच और असली हत्याभियुक्तों तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंचे तो क्रशर व्यवसायी और अन्य संगठन इसे मुद्दा बनाकर आंदोलन खड़ा कर सकते हैं।
महोबा में कबरई के जवाहर नगर निवासी क्रशर व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की फाइल फोटो। - फोटो : MAHOBA
महोबा में कबरई के जवाहर नगर स्थिल क्रशर व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी के घर के बाहर तैनात पुलिस बल?- फोटो : MAHOBA
महोबा में कबरई के जवाहर नगर स्थिल क्रशर व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की पत्नी और बच्चों से मुलाक?- फोटो : MAHOBA