महोबा। कल्याण सिंह के एक पुत्र व तीन पुत्रियां थीं। चार वर्ष पहले मृतका सोनम के चचेरे भाई ने सबसे छोटी पुत्री अंशिका को गोद ले लिया था। तब से वह उसकी परवरिश कर रहा है। लोगों का कहना है कि घटना के समय यदि सबसे छोटी पुत्री भी घर होती तो उसकी जान बचना भी मुश्किल थी।
कोतवाली चरखारी के नरेड़ी गांव निवासी सोनम की शादी वर्ष 2008 में कस्बा कुलपहाड़ के कठबरिया निवासी कल्याण सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद से पति-पत्नी साथ रह रहे थे। इस दौरान सोनम ने एक पुत्र व तीन पुत्रियों को जन्म दिया। उधर सोनम के बुआ के लड़के बृजेंद्र के इकलौता पुत्र होने पर उसने एक पुत्री को गोद लेने की इच्छा जताई। चार वर्ष पहले बृजेंद्र व उसकी पत्नी पूनम निवासी ककरऊ हमीरपुर ने सोनम की सबसे छोटी पुत्री अंशिका को गोद ले लिया था। तब से वह उसे बेटी की तरह परवरिश कर रहा है।
प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते थे तीनों बच्चे
कुलपहाड़। मृतका सोनम के तीनों बच्चे कस्बे के सेनापति वार्ड स्थित प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते थे। सबसे बड़ पुत्र विशाल कक्षा पांच, आरती कक्षा तीन और अंजलि कक्षा एक में पढ़ाई करती थी। कोरोना काल से तीनों भाई-बहन विद्यालय नहीं जा रहे थे।