कबरई (महोबा)। क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में आरोपी तत्कालीन थानाध्यक्ष कबरई देवेंद्र शुक्ला व सिपाही अरुण यादव की जमानत याचिका पर अब 18 नवंबर को सुनवाई होगी। उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने दोनों की जमानत याचिका पर सुनवाई की तारीख पांचवीं बार बढ़ाई है। मामले में एक लाख के इनामी आईपीएस मणिलाल पाटीदार फरार हैं।
कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल किया था। आठ सितंबर को वे अपनी कार में गोली लगने से घायल मिले थे। 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। मामले में मुख्य आरोपी एक लाख के इनामी आईपीएस पाटीदार अभी फरार हैं, शेष चार आरोपी तत्कालीन थानाध्यक्ष, सिपाही, विस्फोटक कारोबारी सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त तिवारी जेल में निरुद्ध हैं। सभी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज है।
तत्कालीन थानाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला व सिपाही अरुण यादव की जमानत याचिका पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद में सात अक्तूबर को सुनवाई होनी थी, लेकिन बहस पूरी न हो पाने के चलते तारीख बढ़ाकर 21 अक्तूबर कर दी गई थी। निर्धारित तिथि पर अधिक फाइलें होने के चलते बहस नहीं हो सकी थी और तारीख बढ़ाकर 28 अक्तूबर कर दी गई थी। इसके बाद 11 नवंबर की तिथि निहित की गई थी लेकिन गुरुवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता चंद्रप्रकाश तिवारी ने बताया कि सुनवाई न हो पाने के चलते अब जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 18 नवंबर की तारीख तय की गई है।