महोबा। कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के दस्तक देने की संभावना जताई जा रही है। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आने की भी बात रही जा रही है। वहीं, जिला अस्पताल में स्वीकृत पदों में से डॉक्टर समेत 50 फीसदी स्वास्थ्य कर्मियों के पद खाली पड़े हैं। इससे मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों पर सवाल उठ रहा है। अगर तीसरी लहर आती है तो स्वास्थ्य महकमा इन अधूरी तैयारियों के बीच कैसे निपटेगा, इसका सहज अंदाज लगाया जा सकता है।
राष्ट्रीय कोविड सुपर मॉडल समिति ने वर्ष 2022 की शुरुआत में कोरोना की तीसरी लहर आने की भविष्यवाणी की है। बताया गया है कि कोरोना का नया स्वरूप ओमिक्रॉन इस तीसरी लहर का कारण बनेगा, जो फरवरी तक अपने उफान पर होगा। ऐसे में जिला अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी से तीसरी लहर से निपटने पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सीमित संसाधन में बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला अस्पताल में ये पद खाली हैं
जिला अस्पताल में स्वीकृत 25 पदों में 13 भरें हैं, जिसमें 12 पद खाली है। फिजीशिनयन के दो पद, कार्डियोलाजिस्ट, स्किन एसटीडी, रेडियोलाजिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट, जनरल सर्जन, ईएनटी, नेत्र सर्जन और डेंटल सर्जन का एक-एक पद खाली है।
तीसरी लहर को लेकर जो गाइड लाइन जारी होगी, उसका पालन किया जाएगा। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के खाली पद को लेकर कई बार पत्राचार किया जा चुका है। नर्सिंग स्टाफ का कम होना सबसे बड़ी समस्या है।
-डॉ. आरपी मिश्रा, सीएमएस, जिला अस्पताल