महोबा। जिले में 19 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महोबा आगमन को लेकर तैयारियां तेज हो गईं हैं। कार्यक्रम स्थल पर जर्मन हैंगर पंडाल बनाने का काम चल रहा है। रविवार को चित्रकूट धाम मंडल के कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। कहा कि पीएम के कार्यक्रम की तैयारी में अधिकारी किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें।
गौरतलब है कि पीएम के कार्यक्रम के लिए पुलिस लाइन के समीप स्थित ग्राउंड को सभा के लिए तैयार किया जा रहा है। जहां एक लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा हेलीपैड के साथ अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जा रहीं हैं। पीएम के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर कमिश्नर ने डीएम मनोज कुमार सिंह के साथ कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह से निभाएं। उन्होंने टेंट व अन्य व्यवस्थाओं को समय से पहले पूरे करने के निर्देश दिए। अधिकारियों के कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि वे निरंतर अपने-अपने कार्यों देखते रहें। सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, यातायात, प्रचार-प्रसार आदि की तैयारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
इस मौके पर एसपी सुधा सिंह, सीडीओ डॉ. हरिचरन सिंह, एडीएम आरएस वर्मा, एडीएम नमामि गंगे जुबेर बेग, एडीएम न्यायिक शिशिर कुमार, एडीएम नमामि गंगे हमीरपुर राजेश यादव, अधीक्षण अभियंता सिंचाई सर्वेश कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम सदर जितेंद्र सिंह मौजूद रहे।
पीएम की रैली में गूंजेगा
खाद की समस्या का मुद्दा
कुलपहाड़ (महोबा)। पीएम नरेंद्र मोदी का 19 नवंबर को महोबा दौरा प्रस्तावित है। खाद के लिए भटक रहे किसानों ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में खाद समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
कुलपहाड़ में मनीष मिश्रा को कोऑपरेटिव सोसायटी के सचिव का प्रभार दिया गया है। उनके पास पहले से दो अन्य जगह का प्रभार है। इसके चलते कुलपहाड़ सोसायटी में सुबह नौ बजे से 12 बजे तक किसानों की भीड़ जुटी रही, लेकिन खाद का वितरण नहीं हो सका। समिति में तैनात कर्मचारी सुंदर ने बताया कि पॉस मशीन को चलाने के लिए उनके पास मोबाइल नहीं है। सचिव आएंगे तभी खाद का वितरण हो पाएगा। खाद न मिलने से किसानों में आक्रोश है। किसान यूनियन के कार्यकर्ता भी समस्या को लेकर विरोध की योजना बना रहे हैं। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में खाद की समस्या का मुद्दा गूंजेगा।
चुरारी गांव के किसान बहादुर अहिरवार ने बताया कि उनकी चार एकड़ भूमि है। खाद न मिलने से बुवाई नहीं हो सकी है। जमीन से नमी खत्म हो रही है। जल्द ही खाद नहीं मिली तो जमीन परती हो जाएगी।
युवा किसान रणधीर ने बताया ढाई एकड़ भूमि है। उनकी समिति भरवारा में है। जहां इस वर्ष खाद ही नहीं आई। चार दिन से कुलपहाड़ समिति आ रहे हैं, लेकिन खाद देने की बात कह रहे हैं।
बुंदेलों को पीएम से अलग बुंदेलखंड राज्य की आस
महोबा। बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने 19 नवंबर को पीएम के महोबा आगमन पर अलग बुंदेलखंड राज्य घोषणा की उम्मीद जताई है।
पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर 635 दिन तक अनशन व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक 23 बार खून से खत लिख चुके तारा पाटकर ने कहा कि बुंदेलखंड राज्य बनाने के लिए पहली बार इतने अनुकूल हालात बने हैं।वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के पहले झांसी में उमा भारती ने केंद्र में सरकार आने पर तीन साल के अंदर बुंदेलखंड राज्य बनवाने की घोषणा की थी। नरेंद्र मोदी ने भी उनकी मांग पर सहमति जताई थी। (संवाद)