वनरोजों को भगाने के लिए किसानों ने बनाई देसी बंदूक।
- फोटो : MAHOBA
श्रीनगर (महोबा)। मवेशियों व वनरोजों से फसलों को बचाने के लिए किसानों ने देसी तरीका अपनाया है। ज्योरइया, श्रीनगर व बिलरही गांव के किसानों ने प्लास्टिक पाइपों से देसी बंदूक तैयार की है। जिसकी आवाज सुनकर वनरोज भाग जाते हैं। किसानों की इस नई खोज की लोग तारीफ कर रहे हैं।
बुंदेलखंड में किसानों की सबसे बड़ी समस्या अन्ना मवेशी हैं। इनसे फसल बचाने के लिए किसानों को दिनरात खेतों में निगरानी करनी पड़ रही है लेकिन मवेशी और वनरोज खेतों में फसलें उजाड़ रहे हैं। ब्लॉक कबरई के तीन गांव के किसानों ने फसल बचाने के लिए देसी बंदूक तैयार की है। जिसकी आवाज से आधा किलोमीटर के आसपास रहने वाले अन्ना मवेशी व वनरोज भाग जाते हैं।
किसान रामकिशोर, प्रमोद, हरीराम आदि ने बताया कि इसे बनाने में 400 रुपये की लागत आती है। देसी बंदूक तैयार करने में चार इंची व दो इंची प्लास्टिक पाइप लगाया जाता है। इसके बाद उसमें कार्बाइड का प्रयोग किया जाता है। कार्बाइड में पानी डालने के बाद माचिस की तीली से आग लगाने पर तेज आवाज निकलती है। जिसकी गूंज आधा किमी के दायरे में होती है। जिससे जंगली जानवर भाग जाते हैं। किसानों द्वारा निर्मित देसी जुगाड़ चर्चा का विषय बना है।
ज्योरइया गांव के युवा किसान अमित कुमार ने बताया कि एक माह पहले वह मध्यप्रदेश के पन्ना गया था। जहां पर उसने खेतों में देसी बंदूक को चलाते हुए देखा। इसके बाद उसे बनाने व चलाने की वहां से किसानों से जानकारी ली और घर पर ही देसी बंदूक बनाई। खेत में इसका प्रयोग किया। जिससे जानवर भाग गए। अब अन्य किसान भी इस तरीके को अपना रहे हैं।