कबरई (महोबा)। खनन और क्रशर उद्योग के लिए प्रसिद्ध पत्थरमंडी कबरई के उद्यमियों को बड़ी राहत मिली है। शासन ने भंडारण लाइसेंस की नीति में संशोधन करते हुए चरित्र प्रमाणपत्र व हैसियत प्रमाणपत्र की अनिवार्यता समाप्त करने का प्रस्ताव विधानसभा में भेजा है। साथ ही भंडारण लाइसेंस की वैधता अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष किए जाने की दिशा में भी सहमति जताई है।
जिले में 200 से अधिक स्टोन क्रशर प्लांट और 250 से अधिक खनन क्षेत्र संचालित हैं। वर्ष 2021 में लागू हुई भंडारण लाइसेंस नीति के तहत उद्यमियों को लाइसेंस प्राप्त करने के लिए कई दस्तावेज प्रस्तुत करने होते थे। इसमें चरित्र और हैसियत प्रमाणपत्र की अनिवार्यता प्रमुख थी। साथ ही लाइसेंस की वैधता केवल तीन वर्षों तक ही सीमित थी। इसको लेकर खनन एवं क्रशर यूनियन के पदाधिकारी बालकिशोर द्विवेदी, देवेंद्र मिश्र, प्रणव त्रिपाठी, रूपेंद्र सिंह ने वर्ष 2022 में तत्कालीन खनिज सचिव रोशन जैकब से मुलाकात कर इस नीति में बदलाव की मांग की थी। सचिव ने उद्यमियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए इसका प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा था। अब यह प्रस्ताव विधानसभा में आपत्तियां आमंत्रण के लिए प्रस्तुत कर दिया गया है। इसके निस्तारण के बाद पूरे प्रदेश में नई भंडारण नीति लागू होगी। इस बड़ी उपलब्धि से उत्साहित जिले के कारोबारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई है। नई नीति से न केवल उद्यमियों को राहत मिलेगी बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी सरल होंगी।
भंडारण लाइसेंस धारकों को मिलेगी राहत
कबरई। क्रशर कारोबारी प्रणव त्रिपाठी का कहना है कि भंडारण लाइसेंस की अवधि तीन से बढ़ाकर 15 वर्ष किए जाने से उद्यमियों को हर तीन वर्ष में कागजात बनवाने के लिए तहसील के चक्कर लगाने से निजात मिलेगी। व्यापारी निश्चिंत होकर व्यापार कर सकेंगे।
कबरई। क्रशर व्यवसायी सुमंत गुप्ता का कहना है कि भंडारण लाइसेंस से चरित्र व हैसियत प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त होना उद्यमियों के हित में सरकार का बड़ा कदम होगा। इससे पूरे प्रदेश के क्रशर कारोबारी और भंडारण लाइसेंस धारक राहत महसूस करेंगे।