महोबा। शहर के वीरभूमि राजकीय महाविद्यालय मैदान में जिले के आला अधिकारी जुटे थे। तभी अचानक एक कोने से धुआं उठता दिखाई दिया। सायरन बजते ही मैदान में मौजूद क्विक रेस्पांस टीम के सदस्य मौके पर दौड़ पड़े और वहां पर उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारी चौकन्ने हो गए।
एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंच गई। एक ओर जहां क्विक रेस्पांस टीम ने कॉलेज के कमरों में मौजूद लोगों की सुरक्षा का जिम्मा संभाला तो वहीं दूसरी ओर फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्काल तेज होती आग पर काबू पाने के लिए पानी की बौछार की।
कुछ ही मिनट में फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने एक साथ मिलकर कार्रवाई शुरू की। दो कमरों में बंद लोगों को स्वास्थ्य विभाग और दमकलकर्मियों ने बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार देते हुए एंबुलेंस के सहारे जिला अस्पताल तक पहुंचा। छत पर फंसे लोगों को दमकल विभाग के कर्मचारियों ने सीढ़ी के सहारे कंधे पर लादकर नीचे उतारा। इस तरह से आपसी समन्वय से आपात स्थिति से निपटने की तैयारी की समीक्षा की गई।
प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्वाभ्यास किया। जिसमें सिविल पुलिस, पीएसी, पीआरडी, एनसीसी, होमगार्ड, फायर सर्विस, आपदा मित्र, भूतपूर्व सैनिक, बिजली विभाग, चिकित्सीय टीमों समेत कई संगठन और स्वयंसेवी समूहों ने हिस्सा लिया। डीएम गजल भारद्वाज ने कहा कि आपदा के समय एकजुट होकर कार्य करना ही सफलता दिलाता है। इसलिए यह समन्वित प्रयास किया गया। वहीं, पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह ने कहा कि यह पूर्वाभ्यास आपात परिस्थिति में नागरिकों को सुरक्षा देने, स्वयं को सुरक्षित रखने, प्राथमिक चिकित्सा देने, हवाई हमले से अलर्ट करने और बिजली आपूर्ति को तत्काल रोककर ब्लैक आउट करने जैसी रणनीतियों को लेकर किया गया है। उन्होंने आपात स्थिति में सायरन बजने पर क्या करना है और क्या नहीं करना है।