कबरई (महोबा)। गर्मी की दस्तक के साथ पत्थरमंडी कबरई में पेयजल संकट गहरा गया है। चार टैंकरों के भरोसे नगर की 50 हजार की आबादी को पेयजल मुहैया कराया जा रहा है। टैंकर आते ही लोग पहले पानी भरने को लेकर टूट पड़ते हैं। ऐसे में किसी को एक डिब्बा तो किसी को दो डिब्बा पानी ही नसीब हो रहा है। मार्च माह में पेयजल की इतनी समस्या हैं तो अप्रैल, मई व जून माह में स्थिति और भी भयावह होगी।
नगर पंचायत कबरई में एक दशक से पानी का संकट है। कबरई पेयजल योजना का काम अधूरा होने से नगर पंचायत टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति करा रही है। नगर पंचायत के 15 वार्डों में महज चार टैंकर चलाए जा रहे हैं। ऐसे में टैंकर पहुंचते ही पानी भरने के लिए लोगों में मारामारी मचती है। इससे टैंकर कुछ की देर में खाली हो जाता है। प्लास्टिक पाइप और बर्तन रखकर मोहल्लेवासी घंटों टैंकर आने का इंतजार करते हैं।
राजेंद्रनगर के राहुल विश्वकर्मा, हनीफ, चुन्ना सेठ, मयंक गुप्ता, राकेश कुशवाहा, नीतेश सेन आदि ने बताया कि टैंकर से एक-दो डिब्बा पानी मिल पाता है। इससे उन्हें हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ता है। पानी की जुगाड़ में ही उनका आधा दिन बीत जाता है। जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
व्यापार मंडल अध्यक्ष अशोक गुप्ता, राहुल गुप्ता, महामंत्री विजय गुप्ता, राकेश कुशवाहा, सभासद सुमित वर्मा, राजेन्द्र प्रजापति, इरफान पठान, नईम, शमशाद, गणेशा रैकवार, शब्बीर, कुलदीप सेन आदि ने एक बार फिर डीएम मृदुल चौधरी को पत्र भेजकर पेयजल समस्या का समाधान कराने की मांग की है। उधर, नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी अवधेश कुमार का कहना है कि चार टैंकरों के माध्यम से कस्बे के 15 वार्डों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
निर्माणाधीन पेयजल योजना पूरी न होना बनी समस्या
कबरई। कस्बा वासियों की मांग पर साढ़े चार साल पहले सदर विधायक राकेश गोस्वामी ने 26 मई 2020 को तत्कालीन डीएम अवधेश तिवारी के साथ कस्बे के कलशाहा बाबा धाम में पानी की टंकी का शिलान्यास किया था। बावजूद इसके चार वर्ष के अंतराल में केवल टंकी का निर्माण हो पाया है। जल निगम के उच्चाधिकारियों ने दिसंबर 2023 तक पेयजल सप्लाई की बात कही थी लेकिन अभी तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी।
जनप्रतिनिधियों को ध्यान देना चाहिए
कबरई। कस्बे के राजेंद्र नगर वार्ड के सभासद प्रेमचंद्र चौरसिया का कहना है कि पेयजल योजना पूरी न होने से पेयजल संकट बरकरार है। गर्मी के इस सीजन में भी पेयजल आपूर्ति शुरू हो पाना मुश्किल है। ऐसे में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए जूझेंगे। जनप्रतिनिधियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
एक दशक से बनी हुई है समस्या
कबरई। अंबेडकर नगर वार्ड के पूर्व सभासद अवधेश रैकवार का कहना है कि सबसे अधिक राजस्व देने वाली पत्थर मंडी में लोगों को पिछले एक दशक से पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। कई बार जनप्रतिनिधियों व शासन-प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग की गई लेकिन कुछ नहीं हुआ।
टंकी से आज तक पानी की सप्लाई नहीं
कबरई। किदवई नगर के पूर्व सभासद राजू कुशवाहा बताते हैं कि साढ़े चार वर्ष पहले शिलान्यास की गई पानी की टंकी से आज तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। टैंकरों से पानी भरने के लिए कई मोहल्लों में लोगों को रतजगा करना पड़ रहा है। इसके बाद भी उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाता।