बुंदेली समाज ने एम्स की मांग को लेकर हिंदू मुस्लिम भाइयों को एक
मंच पर लाकर आपसी भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द का अनूठी मिशाल पेश की
है। जहां अन्य जिलों में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया जा
रहा है, वहीं हिंदू भाई प्रतिदिन मुस्लिमों के साथ रोजा रखकर अमन चैन का
संदेश दे रहे हैं।
आल्हा ऊदल की ऐतिहासिक नगरी में रमजान के पवित्र मौके पर 22वें दिन 22
हिंदू महिलाओं ने सामूहिक रूप से रोजा रखकर एकता अखंडता और भाईचारे की
अनूठी मिशाल पेश की, साथ ही इन सभी महिलाओं ने रोजा रखकर इफ्तार के मौके
पर महोबा में एम्स खुलवाने के लिए खुदा से दुआ मांगी। बुंदेली समाज के बैनर
तले चल रहे सामूहिक रोजा कार्यक्रम में शामिल श्रीमती प्रेमलता ने बताया
कि वैसे तो वे हर सोमवार को व्रत रखती हैं, लेकिन विशेष मांग की दुआ करने
के लिए रोजा रखा है। श्रीमती चंदा नामदेव ने बताया कि हमारे जीवन का यह
अनूठा अनुभव है। हम सभी महिलाओं ने एम्स की मांग को लेकर रोजा रखा है।
संगठन के संयोजक तारा पाटकार ने कहा कि महोबा में यह पहला अवसर है, जब
हिंदू महिलाएं किसी विशेष प्रयोजन के तहत सामूहिक रूप से रोजा इफ्तार में
शामिल हुईं। इस दौरान सीमा, प्रशंसा, नैनसी, रामदेवी, भग्गीबाई, मोहिनी,
ऊषा विश्वकर्मा, दीपशिखा, राधिका, बीना देवी, नेहा, श्रद्धा, मधु, राधा
सोनी, प्रियंका सेन, किरण सहित दो दर्जन हिंदू महिलाओं ने भाग लिया।