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दहेज हत्या में आजीवन कारावास

Fri, 10 Jul 2015 11:36 PM IST
अमर उजाला महाोबा
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महोबा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।
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शहर के मुहल्ला बीजानगर रोड सुभाष नगर निवासी रामपाल अहिरवार ने अपनी बेटी मालती (22) की शादी 30 अप्रैल 2012 को कोतवाली चरखारी के ग्राम बम्हौरीकला निवासी टीकाराम अहिरवार के बेटे घनश्याम के साथ की थी। शादी के बाद से ही पति और ससुरालीजन सोने की जंजीर और दो लाख रुपये की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर मालती को मारपीट कर प्रताड़ित किया जाने लगा। शादी के छह माह बाद भी 2 नवंबर 2012 को ससुरालीजनों द्वारा मालती को जहर पिलाकर मार डालने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज न करने पर मृतका के पिता ने रामपाल ने अदालत में धारा 156(3) के तहत वाद दायर किया। अदालत के आदेश पर कोतवाली चरखारी में पति के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय शंकर उपाध्याय ने दोनों पक्षों की गवाह एवं बहस सुनने के बाद मृतका के पति घनश्याम को दहेज हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका, जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने की।

बयान बदलने के बाद भी अदालत ने दी सजा
शादी के छह माह बाद ही बहू की हत्या करने वाले ससुरालीजनों से मृतका के माता-पिता ने समझौता कर बयान बदल दिए। मृतका के पिता ने अदालत में बेटी के स्वयं जहर खाने की गवाही दी। लेकिन न्यायमूर्ति विजय शंकर  मृतका के शरीर पर पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के अनुसार चोटें दर्शाए जाने को आधार मानकर मृतका के पति को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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