फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सड़क पर दो घंटे तड़पते रहे पिता-पुत्र, बगल से निकलते रहे वाहन

विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीनगर (महोबा)। कानपुर सागर हाईवे पर पलका तिराहे के पास हादसे का शिकार हुए पिता-पुत्र करीब दो घंटे तक सड़क पर पड़े तड़पते रहे। वाहनों से और पैदल लोग उधर से गुजरते रहे, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। किसी ने पिता व पुत्र का अस्पताल पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई और आखिर में दोनों की मौके पर ही सांसे थम गईं। परिजनों का कहना है कि कोई राहगीर पिता और पुत्र को अस्पताल पहुंचा देता, तो उनकी जान बच सकती थी।
विज्ञापन

कस्बा श्रीनगर के दाऊपुरा निवासी ख्याली प्रसाद और उनका बेटा राजेश विश्चकर्मा को बाइक से महोबा से घर जाते समय पलका तिराहे के पास एक वाहन टक्कर मारते हुए निकल गया था। बताते हैं कि ख्याली प्रसाद और राजेश करीब दो घंटे तक सड़क पर तड़पते रहे। तमाम लोग दो व चार पहिया वाहनों से उधर से गुजरते रहे, लेकिन किसी ने न तो पुलिस को हादसे की सूचना देने की जरूरत समझी, न ही घायलों को अस्पताल पहुंचाने की जहमत उठाई।
बाद में एक चार पहिया वाहन के चालक ने थाना श्रीनगर पुलिस को हादसे की सूचना दी। तब रात करीब 12 बजे पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। पुलिस कर्मी आनन-फानन घायल पिता व पुत्र को जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने देखते ही दोनों को मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन

-------------
बस छूट गई है, बेटा मुझे ले जाओ गांधी आश्रम जैतपुर के मैनेजर ख्याली प्रसाद सरकारी कार्य से प्रयागराज गए थे। सोमवार की रात करीब 8: 30 बजे वह महोबा लौटे लेकिन तब तक श्रीनगर जाने वाली बस छूट चुकी थी। तब ख्याली प्रसाद ने बेटे राजेश को फोन किया। कहा कि उनकी बस छूट गई है, बेटा बाइक लेकर महोबा आ जाओ और मुझे ले जाओ। यह सुनते ही राजेश बाइक लेकर महोबा आ गया। यहां से वह पिता को लेकर घर लौट रहा था, तभी रास्ते में हादसा हो गया।
--
कई बार बेहोश हुई राजेश की पत्नी हादसे का शिकार हुए ख्याली प्रसाद व उनके बेटे राजेश का शव पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार देर शाम गांव पहुंचा, तो परिजन दहाड़े मारकर रो पड़े। परिजनों के मुताबिक ख्याली प्रसाद की पत्नी मुन्नी देवी की 10 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। तब से ख्याली बेेटे राजेश, रामबाबू और प्रेम नारायण के साथ रहता था। सोमवार की रात हादसे का शिकार हुए ख्याली प्रसाद व राजेश के शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचे, तो राजेश की गर्भवती पत्नी सरस्वती, बेटी आनन्या और आराध्या जोर-जोर से रो पड़े। सरस्वती रोते-रोते कई बार बेहोश हो गई।
------------
अभी चल हा इलाज महोबा। सड़क हादसे में हुई पिता व पुत्र की मौत की सूचना सोमवार की रात से मंगलवार शाम तक लोग परिवार के लोगों से छिपाए रहे। रिश्तेदारों ने राजेश की पत्नी सरस्वती देवी व अन्य से कहा कि ख्याली प्रसाद और राजेश का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मंगलवार की शाम दोनों के शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचे, तब उन्हें दोनों की मौत का पता चला।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें