फोटो 28 एमएएचपी 09 परिचय-आनंद गुप्ता (फाइल फोटो)। स्रोत: परिजन
खरेला (महोबा)। कस्बा खरेला में व्यापार में घाटा होने से परेशान किराना दुकानदार ने सोमवार की सुबह फंदा लगाकर जान दे दी। दुकानदार दो माह पहले पिता की मौत होने और बैंक व थोक दुकानदारों की कर्ज अदायगी की चिंता में परेशान रहता था। सूचना पर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने घटनास्थल पहुंचकर जांच की।
मोहल्ला स्वामीदास निवासी आनंद गुप्ता (38) किराना की दुकान चलाता था। माह जुलाई में पिता रामप्रकाश का बीमारी के चलते निधन हो गया था। तब कारोबार व परिवार का भार आनंद पर आ गया था। व्यापार में लगातार घाटा होने से वह परेशान रहने लगा। थोक दुकानदारों से मंगाए गए माल की रकम भी वह समय पर नहीं दे पा रहा था। सुबह सात बजे वह बेटी इशिता को स्कूल बस में छोड़ने गया था। वापस आने पर वह मकान के अंदर चला गया और बरामदे में लट्ठे से रस्सी का फंदा लगा लिया। जब पत्नी अंजलि वहां पहुंची तो पति को फंदे पर लटकता देखा।
मृतक के भाई राजकुमार ने बताया कि दो माह पहले पिता की मौत होने व कारोबार में घाटा लगने से भाई परेशान रहते थे। उन्हें बैंक और थोक दुकानदारों का कर्ज चुकाने की चिंता सता रही थी। एसडीएम अवनीश तिवारी भी राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम का कहना है कि पिता के निधन के बाद से दुकानदार के परेशान रहने की बात सामने आई है। कारोबार भी प्रभावित होने की जानकारी मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किशोरी ने फंदा लगाकर दी जान
चरखारी। कोतवाली चरखारी के बमरारा गांव में किशोरी ने फंदा लगाकर जान दे दी। बमरारा निवासी रतिराम की बेटी रेशमा (13) बाबा-दादी के साथ रहती थी। माता-पिता दिल्ली में रहकर मेहनत-मजदूरी करते हैं। रविवार की रात रेशमा ने मकान के कमरे में फंदा लगा लिया। सुबह जब बाबा वहां पहुंचे तो नातिन को फंदे पर लटकता देख उनके होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस किशोरी को अस्पताल ले गई जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मृतका के बाबा गंगादीन ने बताया कि नातिन ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसकी जानकारी नहीं है। प्रभारी कोतवाल रमेश यादव का कहना है कि घटना की जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सही कारण स्पष्ट हो सकेंगे।