महोबा। राष्ट्रीय मनरेगा परिषद के सदस्य संजय दीक्षित ने ग्राम बगरौन में चौपाल लगाकर ग्रामीणाें की मनरेगा से जुड़ी समस्याएं सुनीं। इस दौरान मनरेगा के कार्य में श्रमिकाें ने तमाम खामियां गिनाईं। कहीं जॉब कार्ड के बगैर मजदूरी कराने का मामला तो कहीं मजदूरी करने के बाद भुगतान न मिलने का मुद्दा सामने आया।
ब्लाक चरखारी के ग्राम बगरौन में बृहस्पतिवार को श्री दीक्षित ने ब्लाक स्तरीय विकास अधिकारियाें के साथ गांव में चौपाल लगाकर मनरेगा से जुड़ी समस्याएं सुनी। चौपाल में ग्राम सोहजना निवासी राजेंद्र पुत्र बाबूलाल लोधी ने बताया कि मनरेगा के तहत उसे एक वर्ष में मात्र 29 दिन ही रोजगार मिला जबकि मनरेगा में साल भर में 100 दिन रोजगार दिए जाने की गारंटी है। उसने बताया कि उसके द्वारा किए गए 29 दिन के काम का आज तक भुगतान भी नहीं मिला। ग्राम कछियनपुरा निवासी पहाड़ सिंह पुत्र टीकाराम ने बताया कि उसके द्वारा मनरेगा के तहत काम किए जाने के बावजूद आज तक न तो उसका जाबकार्ड बनाया गया और न ही उसकी मजदूरी का भुगतान हुआ। इस पर श्री दीक्षित ने बीडीओ सुभाष चंद्र को जल्द से जल्द जाबकार्ड बनाकर भुगतान कराए जाने के निर्देश दिए।
उन्हाेंने बीडीओ को हर सप्ताह गांव में चौपाल लगाकर मनरेगा के क्रियान्वयन की कमियाें को दूर करने के लिए ग्रामीणाें को जानकारी देने के निर्देश दिए। साथ ही उनकी समस्याएं सुनकर निस्तारण कराए जाने की भी बात कही। उन्हाेंने कहा कि जिन बीपीएल कार्ड धारकाें के घराें में शौचालय नहीं हैं उन्हें शौचालय बनवाने के लिए 3200 रुपए सरकार की तरफ से और 1300 रुपए मनरेगा की तरफ से दो किश्ताें में दिए जाएंगे।