महोबा। पाइप लाइन टूटने से शहर में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी लेने के लिए लोगों को हैंडपंप और कुओं का सहारा लेना पड़ा। पाइप लाइन की मरम्मत में ढिलाई बरते जाने से लोगों में विभाग के खिलाफ आक्रोश दिखाई दिया।
उर्मिल बांध से पाइप लाइन बिछाकर श्रीनगर, सिजहरी और शहर में पानी की आपूर्ति की जाती है। इमिलिया गांव के ग्रामीणों ने सिंचाई के लिए पाइप लाइन तोड़ दी। इससे गांव के अलावा शहर में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। पानी न आने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पेयजल आपूर्ति चालू कराने के लिए जल निगम ने कर्मचारियों की टीम भेज दी है। सारा दिन टीम के काम करने के बाद भी पाइप लाइन ठीक नहीें हो सकी। इससे पानी का संकट बढ़ता जा रहा है। पाइप लाइन पर पूरी तरह आश्रित हो जाने के कारण लोगों को हैंडपंप पर पानी भरने जाने में भारी दिक्कत होती है। लेकिन पानी भरने के लिए लोगों को मजबूरन हैंडपंप पर जाना पड़ रहा है। पुरुषों के अलावा महिलाएं भी हैँडपंपों पर पानी लेने के लिए लाइन में लग रहीं हैं। पहले पानी भरने के चक्कर में झगड़ा तक हो जाता है। बावजूद इसके जलनिगम के अधिकारी टूटी पाइप लाइन को जल्द दुरुस्त नहीं करा रहे हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
32 किलोमीटर दूर उर्मिल बांध से पाइप लाइन शहर तक लाई गई है। शहर में गली कूचे में पाइप लाइन बिछाकर लोगों को पानी की आपूर्ति की जाती है। यहां के बाशिंदे पाइप लाइन पर ही आश्रित रहते हैं। पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति नहीं होने के कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है। ।पांच साल पहले पाइप लाइन की टेस्टिंग के बाद भी जल संस्थान ने इसे हैंडओबर करने से इंकार कर दिया है। इससे पाइप लाइन बिछने के बाद भी जल निगम को पाइप लाइन दुरुस्त करानी पड़ती है। जबकि जगनिगम के पास लाइन ठीक करने वाले मिस्त्री भी नहीं है। लेकिन पाइप लाइन हैँडओवर न होने के कारण उन्हें लाइन ठीक करानी पड़ती है। जल निगम सिविल शाखा का काम पाइन लाइन बिछाना है। इसके बाद पाइप लाइन को चालू करने का काम जल संस्थान का है। लेकिन लाइन हैंडओवर न होने के कारण लाइन को जल निगम ठीक कराता है और पानी का बिल जल संस्थान वसूल रहा है। जबकि जल निगम के पास पाइप लाइन ठीक कराने के लिए बजट नहीं है इसके बाद भी जल निगम को पाइप लाइन ठीक करानी पड़ती है। अधिशाषी अभियंता जलनिगमजनार्दन सिंह
कहापाइप लाइन टूटी नहीं एक आध जगह लीकेज होने के कारण पानी कम आया है। एक दिसंबर से पानी की भरपूर आपूर्ति हो सकेगी। जग निगम का काम पाइप लाइन बिछाना है। पानी आपूर्ति का काम जल संस्थान का है। लेकिन योजना हैंडओवर न होने से पाइप लाइन भी ठीक करानी पड़ रही है।